About us - Privacy Policy - Disclaimer - Contact us - Guest Posting - Income Reports

दीवाली का त्योंहार क्यों मनाया जाता है? जानिए दीपावली के कुछ रहस्य

दोस्तों आज 30 अक्टूबर 2016 मतलब दीवाली का दिन है और आज हम इस लेख में दीवाली क्यों मनाई जाती है ये जानने वाले है पर शुरू करने से पहले आपको और आपके परिवार को सक्सेस वेद की तरफ से happy diwali.

Diwali, dipawali manate kyo hai

दिवाली

तो चलिए शुरू करते है और जानते है दीपावली त्योंहार मनाना कब और कैसे शुरू हुआ।

Diwali Tyohar Kyo Mananaya Jata Hai – In Hindi

दीवाली का त्योंहार मनाने के मुख्य कारन

वैसे दीवाली मानाने के पीछे बहुत से धार्मिक कारन है। पर आज आपको बहुत सारी तैयारिया करनी बाकी होंगी ये हम भी जानते है इसीलए आपका ज्यादा समय न लेते हुए यहा हम आपको दीवाली क्यों मनाई जाती है इसके कुछ चुनिंदा और मुख्य कारन बताने जा रहे है।

1. श्रीराम द्वारा रावण का वध और अयोध्या में आगमन

कहते है जब राजा दशरत के पुत्र प्रभु श्रीराम जब दुष्ट रावण का वध करके आयोध्या लौटे थे तब सारी प्रजा ख़ुशी से झूम उठी थी और उस दिन ख़ुशी में सारे लोगो ने मिलकर हर घर घर में दिये जलाये थे और श्रीराम के 14 सालो के वनवास की सजा काट कर आने की ख़ुशी में पटाके भी जलाये थे और तभी से हर साल हम दिये जलाते है और पटाके भी जलाते है जिसे हम दीवाली कहते है। यह भी एक प्रमुख कारन माना गया है दीपावली त्योंहार मनाने के पीछे।

2. लक्ष्मी माता का जन्मदिन

प्राचीन कथाओं के अनुसार जब देवता और राक्षसो द्वारा अमृत पाने के लिए समुद्रमंथन किया गया था तो उस दिन मतलब कार्तिक महीने की अमावस्या को दूध के समुद्र (क्षीर सागर) से लक्ष्मी माता का इस श्रुष्टि में आगमन मतलब उनका जनम हुआ था। और लक्ष्मी माता के जन्मदिन के अवसर पर दीवाली त्यौहार मनाने जाने लगा। और इसीलए दीवाली के दिन श्री गणेश (प्रथम पूजनीय) और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। और इसे हम लक्ष्मीपूजन भी कहते है।
ये भी कहा जाता है की अमावस्या के रात माता लक्ष्मी धरती पर आकर लोगो को धन और वैभव का आशीष देती है। और अगर कोई लक्ष्मी माता की सच्चे दिल से सेवा करे तो उसको पुरे जीवन में कभी धन की कमी नही होती।

3. श्री विष्णु द्वारा माता लक्ष्मी को असुर बाली से बचाना

हिन्दू पौराणिक कथाओं में ये लिखा गया है की बाली नाम का एक बहुत बड़ा असुर था जो पूरी सृष्टि पर अपनी हुकूमत चलाना चाहता था। और उसे भगवान विष्णु द्वारा प्रचंड शक्तियो का वरदान था। और इसीलए उसने माता लक्ष्मी को अपनी कैद में रखकर दुनिया भर की श्रीमंती भंग क्र दी थी और कहा जाता है की श्री विष्णु ने वामन अवतार लेकर असुर बाली का संहार किया और माता लक्ष्मी की उसकी कैद से आझाद किया और इसी ख़ुशी में हर साल दीवाली का त्यौहार मनाया जाने लगा।

दीवाली त्योंहार मनाने के अतिरिक्त कारन

1. महान राजा विक्रमादित्य का अभिषेक

कहते है प्रजा प्रिय महान और सर्वश्रेष्ठ राजाओं के राजा विक्रमादित्य का जब अभिषेक किया गया था उस दिन प्रजा ख़ुशी से फूली नही समायी थी और इसीलए उस दिन से हर साल नियमित रूप से दीवाली मनाई जाती है।

2. श्री कृष्ण द्वारा नरकासुर का वध

देवकी के आठवे पुत्र (भगवान विष्णु का कृष्ण अवतार) श्री कृष्ण ने जब महादानव नरकासुर का वध करके उसकी चंगुल से 16000 स्रियों को मुक्ति दिलाई थी। तब सबने मिलकर एक त्यौहार मनाया था जिसे आज हम नरक चतुर्दशी के रूप में पहचानते और मनाते है।

3. पांडव का लौटना

हिन्दू महाकाव्य महाभारत में ये बताया गया है की जब पांडव कौरवो से बाजी हार गए थे तब उन्हें 12 वर्ष के वनवास की सजा दी गयी थी।  तो कार्तिक महीने के अमावस्या को पांडव अपनी सजा पूरी करके अपने राज्य लौटे थे तबसे वो दिन दीपावली त्योंहार के रूप में मनाया जाता है।

अगर आपको दीवाली के बारे में और ज्यादा और सखोल जानकारी चाहिए तो यहा क्लिक करे

दोस्तों अगर आपको मेरी ये जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर कर दे ताकि वो भी दीवाली त्योंहार क्यों मनाया जाता है ये जान सके। धन्यवाद.

Subscribe Us Via Email

Content Delivery By Success Veda

Comments

  1. By Ajay Vishwakarma

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *