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हर किसी की अपनी एक कहानी होती है – inspirational Story

दोस्तों में ये दावे के साथ कह सकता हु की आज ये हिंदी मोटिवशनल कहानी पढकर आपके आँखों में आंसू आ जायेंगे और इस कहानी से आप ये जान जायेंगे की हर किसी के जीवन में अपनी अपनी अलग कहानी होती है और हमे किसीको भी उसके बारे में जाने बगैर कुछ नहीं कहना चाहिए।तो चलिए शुरू करते है हमारी आज की मोटिवेशन स्टोरी।

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Everyone has story

 

हर किसी की अपनी एक कहानी होती है – Everyone Has A Story In His Life

एक बार बेलापुर रेल्वे स्टेशन पर यात्री रामनगर जाने वाले रेल्वे की बेसबरी से प्रतीक्षा कर रहे थे और बहुत गुस्से में भी थे क्यू की पहले ही सारे प्रवासी दिन भर के काम काज से थके होते है और ऊपर से रामनगर जाने वाली रेलवे पूरा एक घंटा लेट हो चुकी थी। बार बार कोई अलग प्रवासी जाकर रेलवे के डिपार्टमेंट में पूछताछ करता रहता की आखिर रेल कब आयेगी। पर वो भी ऐसे ही हवा में जवाब दे देते की अभी 10 मिनट में आ रही है या 5 मिनट में आ जायेगी। जब की सारे यात्री पिछले एक घंटे से यही जवाब सुन रहे थे।

आखिरकार सबका इंतज़ार खत्म हो गया और बेलापुर से रामनगर जाने वाले ट्रेन आ ही गयी। जैसे ही घोषणा हुयी की बेलापुर से रामनगर जाने वाली ट्रेन प्लेटफार्म नंबर 3 पर आ रही है वैसे ही सभी यात्री उस ट्रेन की तरफ दौड़ने लग गए और सीट पकड़ने लगे।

थोड़ी देर बाद जब ट्रेन बेलापुर से रामनगर निकल पड़ी तब एक डिब्बे में सब लोग इतनी देर ट्रेन का इंतज़ार करके थक गए थे और लंबा सफ़र होने के कारन झपकी लेने की सोच रहे थे।

उस ट्रेन में एक बच्चा भी था जिसका नाम राजू था और जो अपने मम्मी पापा के साथ ट्रेन में सफ़र कर रहा था असल में राजू कोई बच्चा नही था क्यू की उसकी उम्र 24 साल थी जो की एक समजदार इंसान की होती है। राजू ट्रेन की खिड़की से बाहर कुछ देख रहा था और जैसे ही कुछ लोगो की आँख लग गयी वैसे ही राजू ने अपने पापा को जोर से आवाज लगायी की पापा वो देखो पेड़ हमारे साथ साथ चल रहे है। सब लोग तेजी से उठ गए और राजू की तरफ देखने लगे की आखिर ये 24 साल का लड़का ऐसी बहकी बहकी बाते क्यू कर रहा है। पर सबने उसको नजरअंदाज कर दिया और फिर सोने लग गए।

थोड़ी देर बाद फिर राजू ने बाहर की तरफ देख कर आवाज लगायी की मम्मी वो देखो बादल हमारे साथ चल रहे है। फिर से सब लोग उठ गए। क्यू की वो सब थके थे और शांति से सोना चाहते थे पर राजू ऐसी ही बाते करके उन्हें बार बार जगाता रहता। फिर थोड़ी देर बाद एक आदमी से रहा नहीं गया और उसने राजू के माता पिता से कहा की अपने बेटे को किसी अच्छे दिमागी डॉक्टर को क्यू नहीं दिखाते.. एक तो दिन भर हम थक क्र आते है ऊपर से ट्रेन में भी शांति नही मिल रही। बाकी लोग भी उस व्यक्ति की बातो से अपनी संमति दिखाने लगे।

सब लोग थोड़े शांत होने के बाद राजू के पापा ने एकदम शांति से एक ही ऐसा जवाब दिया जिसे सुनकर सब लोगो के मुह चुप हो गए और कुछ लोग तो रो पड़े।

राजू के पापा का जवाब था – “राजू बचपन से अँधा था वो कभी इस दुनिया को देख नहीं पाया.. और आज ही उसकी आँखो का ऑपरेशन हुआ है जिससे वो अब सब कुछ देख सकता है!

दोस्तों हम भी जाने अंजाने में ट्रेन में बैठे बाकी यात्रियों की तरह ही दुसरो से पेश आते है। हम अपने अंदाज से दुसरो को बिना सोचे समझे कुछ भी कह देते है जब की हमें असली बात पता ही नहीं होती और जब बाद में वो बात हमें पता चलती है तो हमारे पास अपना सर झुकाने के अलावा और कोई चारा नहीं होता।

इसीलए कभी भी किसी को बिना सोचे समझे कुछ भी नहीं बोलना चाहिए। पहले उसके बारे में अच्छी तरह से जान लेना चाहिए और फिर उसके बाद शांत दिमाग से विचार करके अपना प्रतिउत्तर देना चाहिए।

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