Hindi vs Hinglish Case Study – ब्लॉगिंग के लिए कौनसी language सही है?

​ नमस्कार दोस्तों आज इस पोस्ट में हम हिंदी ब्लॉगर के लिए hinglish language में लिखना बेहतर है या hindi language में इसके बारे में जानेंगे और इससे पहले वाले पोस्ट में हमने ब्लॉग से पैसे कमाने के टॉप 10 तरीके इसके बारे में जाना था तो चलिए शुरू करते है हमारा आज का hindi vs hinglish का discussion. पर पहले hindi और hinglish के बारे में जान लेते है कि इन दोनों में क्या फर्क है?

Blogging language - Hindi vs Hinglish Guide
Hindi vs Hinglish Case Study

Hindi vs Hinglish – दोनों में क्या diffrence है?

सबसे पहले हम हिंदी लैंग्वेज किसे कहते हैं इसके बारे में जानते हैं।

  • Hindi language क्या है?

हम जो हिंदी किताबें पढ़ते हैं उन में जो लैंग्वेज use होती है उसको हम हिंदी  भाषा  कर सकते हैं।  और हिंदी लैंग्वेज का एक example देना हो तो आप अभी जो लैंग्वेज पढ़ रहे हैं वह हिंदी भाषा है यह हम सभी जानते हैं फिर भी अगर आपको हिंदी के बारे में और जानकारी पढ़नी हो तो आप hindi wikipedia page पर पढ़ सकते हैं।  पर शायद आपको पता ना हो पर भारत देश के आलावा भी हिंदी भाषा और कई देशों में बोली जाती है और पढ़ी जाती है।

  • Hinglish language क्या है?

अगर सीधे शब्दों में कहना हो तो हिंग्लिश एक तरह से हिंदी और english भाषा का मिश्रण है।  यह वह लैंग्वेज है जिसमें हम हिंदी कंटेंट लिखने के लिए इंग्लिश अल्फाबेट्स का इस्तमाल करते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर मुझे hindi vs hinglish – ब्लॉगिंग के लिए कौनसी भाषा बेहतर है ऐसा लिखना होगा तो यह हिंग्लिश में Hindi vs hinglish – blogging ke liye Konasi bhasha behatar hai ऐसा लिखा जाता है। अगर आपको हिंग्लिश के बारे में ज्यादा पढ़ना हो तो आप Hinglish Wikipedia page पर पढ़ सकते है।

अब हमने दोनों लैंग्वेज के बारे में थोड़ी बेसिक बाते जान ली गई तो चलिए अब शुरू करते हैं हमारा hindi vs hinglish का guide…

जैसे कीे हम सब जानते है कि google आज कल hindi language को ज्यादा support करने लगा है। और google ने कुछ दिन पहले ही अपना नया feature “बेहतर हिंदी परिणामों के लिए यहां दबाये” भी launch किया है। जिससे सभी hinglish content publish करने वाले ब्लॉगर्स के मन में एक ही सवाल ने तहलका मचा दिया है वह है कि कही google भविष्य में hinglish language को सपोर्ट करना बंद तो नहीं कर देगा? और hindi content publish करना शुरू कर दिया तो क्या ये reders के लिए ठीक रहेगा?

और इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए आज हम आपके साथ hindi vs hinglish language का यह comparison करने वाला पोस्ट शेयर करने जा रहे हैं जिससे आपको अपने ब्लॉग पोस्ट hindi में लिखें या hinglish में यह decide करने में आसानी होगी। तो चलिए हमारा hindi vs hinglish language guide शुरू करते है।

Hindi vs Hinglish – Konasi Language Me Blogging Kare?

यहां आज मैं आपको hindi and hinglish language को लेकर blogging में हो रहे बदलाव के बारे में कुछ ऐसी बातें बताने जा रहा हूं जिसके बारे में जानकर आप आसानी से यह निर्णय ले सकते हो कि अपने ब्लॉग पोस्ट (blog content) लिखने के लिए hindi vs hinglish कोनसी language सही है।

कुछ लोगों का मानना है कि हिंदी के मुकाबले hinglish में blog content publish करने पर ज्यादा organic traffic मिलता है पर मेरे खयाल से यह बात बिल्कुल गलत है क्योंकि अगर हम Quality Content publish नहीं करेंगे तो हमें organic traffic मिल ही नहीं सकता फिर चाहे वह hindi language में लिखा हो या hinglish language में…

तो आखिर हमें अपनी आर्टिकल्स हिंदी language में लिखने चाहिए या hinglish में यह हम नीचे अलग-अलग बातों को compare करके decide करते हैं।

  • Google के decisions और support

जैसे कि हम सब जानते हैं कुछ दिनों पहले ही गूगल ने अपना एक नया feature ‘बेहतर हिंदी परिणामों के लिए यह दबाएं‘ launch किया है जिससे कि अगर कोई hinglish में सर्च करता है तो वो keywords Hindi font मैं translate हो जाते हैं और इससे हिंदी फॉन्ट में लिखे हुए content top rank पर आ रहे है।

For example, अगर में google में “hindi vs hinglish kis language blogging karani chahiye” ऐसा सर्च करता हो तो वो “हिंदी वर्सेस हिंग्लिश किस लैंग्वेज में ब्लॉगिंग करनी चाहिए” इस प्रकार कंवर्ट हो रहा है और हिंदी फॉन्ट में लिखें content टॉप रैंक पर आ रहे हैं। जिससे यह बात साफ पता चलती है कि google अब hindi vs hinglish के इस competition में हिंदी भाषा को ज्यादा सपोर्ट कर रहा है और इससे hinglish blogs के अस्तित्व के लिए खतरा निर्माण हो चुका है।

  • Google Fred Update

7 मार्च को Google Fred Update हुई थी जिसने लगभग इंटरनेट के 95% ब्लॉग्स को बुरी तरह से बरबाद कर दिया। Google fred algorithm के कारन बहुत से ब्लॉग्स का traffic low हो चुका है।

कुछ लोग इसका सीधा मतलब hinglish से लगा रहे है और ऐसा सोच रहे है की हिंग्लिश ब्लॉग्स को ज्यादा नुकसान हुआ है और शायद गूगल सिर्फ hinglish ब्लॉग्स को ही target कर रहा है।

लेकिन ऐसा कुछ भी नही है। गूगल सिर्फ ऐसे ब्लॉग्स को panalize कर रहा है जो black hat seo का इस्तेमाल करके बिना मेहनत किए ही पैसे कमाने की कोशिश में है। अगर आप दिल से मेहनत करके proper on-page seo और off-page seo का इस्तेमाल करते है तो आपका ब्लॉग जरूर rank करेगा फिर लैंग्वेज हिंदी हो या हिंग्लिश….

इसलिए इस google fred update के कारन अपनी blogging language choose न करे।

  • Alexa Rank

किसी भी blog के लिए एक अच्छी alexa rank होना बहुत जरूरी होता है। एक तरह से good alexa rank  होने का मतलब है वो blog भी अच्छा है। इसलिए हम इस hindi vs hinglish language के competition में alexa rank को भी ध्यान में रखते हुए ब्लॉग पोस्ट लिखने के लिए कौनसी लैंग्वेज better है यह decide करेंगे।

दोस्तों में खुद इससे पहले चार अलग-अलग hinglish blogs पर work कर चुका हूं और अब मैं सक्सेस वेद पर hindi में ब्लॉगिंग कर रहा हूँ। और इस कार्यकाल के दौरान मैंने यह बात नोटिस की है कि जब मैं hinglish blog पर work कर रहा था तब उन सब blogs की alexa rank बहुत ही लंबे समय बाद show होने लगी थी और जल्दी improve भी नहीं हो रही थी और जब मैंने successveda पर हिंदी फॉण्ट में पोस्ट लिखना शुरू किया तो बहुत ही जल्द Alexa rank show होने लगी और बहुत ही कम समय में और जल्दी जल्दी improve भी हो रही है। hindi vs hinglish के इस guide में ये बात भी मैंने आपको बतानी जरूरी समझी।

इससे यह बात साबित होती है कि जब हम हिंदी फोंट में अपने ब्लॉग के पोस्ट लिखते हैं तो Alexa rank भी बहुत जल्दी-जल्दी improve होने लगती है।

  • Typing Speed

Hindi vs hinglish language में ये एक ही हिंदी का लॉस है। मतलब अगर हम हिंदी भाषा में blog की पोस्ट लिखते हैं तो यकीनन hinglish के मुकाबले blog post लिखने में ज्यादा टाइम लगता है जब की हिंदी के मुकाबले hinglish  टाइप करना बहुत ही आसान काम है। और बहुत से hinglish bloggers हिंदी में टाइप भी नहीं कर पाते पर ऐसे में गूगल हिंदी इनपुट टूल (Google hindi input tools) और मोबाइल के लिए गूगल इंडिक कीबोर्ड (Google indic keyboard) यह दो google की दी हुई facilities एक हिंदी ब्लॉगर के लिए वरदान से कम नहीं है। इसका उपयोग करके हम बड़ी आसानी से hinglish में टाइप करके उसका हिंदी में output पा सकते हैं।

पर फिर भी अगर हमें हिंदी font में हमारे ब्लॉग पोस्ट लिखने हैं तो hinglish के मुकाबले ज्यादा टाइम तो लगेगा ही। इसलिए अगर हमें हिंदी content लिखना है तो ब्लॉग पोस्ट लिखने के लिए पहले से एक्स्ट्रा टाइम निकालना होगा।

  • Readers

किसी भी निर्णय तक जाने से पहले हमें एक बार हमारी blog readers के बारे में जरुर सोच लेना चाहिए,  क्योंकि readers ही हर  ब्लॉग का अहम हिस्सा होता है।  इसीलिए अगर आप अभी न्यू ब्लॉगर और अभी आपके ब्लॉग पर अभी ज्यादा ट्रैफिक नहीं है तो आप Hindi Language में ब्लॉग पोस्ट लिख सकते है। पर अगर आप एक hinglish ब्लॉग चला रहे है और उसपर पाकिस्तान से अच्छा ट्रैफिक आता है तो मैं आपको आगे भी hinglish में ही लिखना suggest करूंगा क्योंकि पाकिस्तान के लोग हिंदी फॉन्ट में लिखे गए  कंटेंट को अच्छे से समझ नहीं पाते है।

  • SEO – search engine optimization

मुझसे कुछ लोगों ने facebook पर कहा था कि अगर हम हिंदी फॉन्ट में लिखेंगे तो उसका Search Engine Optimization कैसे कर पाएंगे। और कुछ का तो यह भी कहना है कि हिंदी फॉन्ट में लिखे गए content का SEO करना बहुत ही मुश्किल है। और हम हिंदी फॉन्ट में english keywords कैसे use कर सकेंगे।

मेरे ख़याल से hinglish के मुक़ाबले हिंदी में keywords का इस्तमाल करना थोड़ा मुश्किल है पर नामुमकिन तो नहीं है ना! 🙂  मेरे कहने का मतलब कि अगर हमारी writing skills अच्छी हो तो हम बड़ी आसानी से हिंदी पोस्ट में भी कीवर्ड्स का सही इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए हिंदी लैंग्वेज में लिखे गए कंटेंट का SEO करना मुश्किल है ऐसा नहीं कह सकते।

  • Google Adsense – Language Support

अगर आप एक नए ब्लॉगर है तो आपके मन में यह सवाल जरुर आया होगा की गूगल adsense आखिर कौन-कौन सी लैंग्वेज को सपोर्ट करता है।  तो मैं आपको बता दूं की Google AdSense ने हिंदी लैंग्वेज को अपनी official supported languages मैं add कर लिया है और ऐडसेंस हिंदी लैंग्वेज को पूरी तरह सपोर्ट भी करता है वहीं दूसरी तरफ अभी हिंग्लिश लैंग्वेज का कोई भी future नहीं नजर आ रहा क्योंकि adsense अभी तो hinglish लैंग्वेज वाले ब्लॉग्स को english language समझ कर approvel दे रहा है पर भविष्य में क्या हो यह कोई बता नहीं सकता।

हो सकता है कि adsense hinglish लैंग्वेज को भी अपनी सपोर्टेड लैंग्वेज के लिस्ट में शामिल कर ले और यह भी हो सकता है कि adsense hinglish को सपोर्ट करना ही बंद कर दें और अगर ऐसा हुआ तो जितने भी हिंग्लिश ब्लॉग्स है उनका अस्तित्व समाप्त होने की कगार पर आ सकता है। इसलिए एडसेंस की नजरिए से हिंदी लैंग्वेज में कंटेंट लिखना ही उचित है।

  • Reader Intrest

यह हमारी hindi vs hinglish guide  का सबसे आखरी और सबसे महत्वपूर्ण पॉइंट है।  क्योंकि हमें किसी भी निर्णय पर जाने से पहले एक बार हमारे reader के intrest को जरुर पहचान लेना चाहिए। और मेरे खयाल से रीडर्स हिंग्लिश के मुकाबले हिंदी में लिखे गए content को पढ़ना ज्यादा पसंद करते हैं और इसीलिए हिंदी ब्लॉग का bouce rate हिंग्लिश ब्लॉग के मुकाबले बहुत ही कम रहता है जो कि किसी भी ब्लॉग के लिए बहुत अच्छी बात है।

Conclusion –

ऊपर मैंने आपके सामने वो हर एक पॉइंट रखा जिसका मैंने खुद अनुभव लिया है अब मैं यह नहीं जानता कि वह कितना गलत है और कितना सही। फिर भी मेरी आपको यही सलाह रहेगी कि अगर आप एक  newbie blogger है और अभी आपके ब्लॉग पर ज्यादा traffic नहीं है तो आप हिंदी में ही ब्लॉगिंग शुरू करें

और अगर आपका बहुत पुराना हिंग्लिश ब्लॉग है जिस पर पाकिस्तान से अच्छा traffic आता है तो आप हिंग्लिश में ही लिखना continue कीजिए क्योंकि अगर आपने ब्लॉग की भाषा बदली तो आपको अपने पाकिस्तान के सारे readers से मुकरना पड़ेगा क्योंकि पाकिस्तान के लोग अच्छी हिंदी नहीं जानते है।

तो दोस्तों, आपको मेरा hindi vs hinglish – blogging के लिए कौनसी language better है ये guide अच्छा लगा हो तो  इसे अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर जरुर शेयर करें और अगर आपका कोई suggestion या कोई सवाल हो तो आप नीचे कमेंट करके हमें बता सकते हैं। धन्यवाद! ☺

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26 comments

  1. bhai mere kuch question the.
    1.aap ad show karne ke liye kaun sa plugin use karte ho?
    2.kisi bhi ads plugin use karte samaye cache plugin kya delete karna jaruri hai,kyoki ad injection plugin recommneded karta hai.
    3.agar aap ad injection plugin use karte hai,toh kaun sa cache plugin use karte hai.

    1. 1. Ad injection

      2. Nahi.. chache plugin use kar sakate hai.. aur ad injection chache plugin delete karane ko nahi balki cache clear karane ke liye recommend karata hai.

      3. Ham wp super cache ka use karate hai. Aap chaho to w3 total chache ka bhi use kar sakate hai..

  2. दोस्तों मैं सभी का Comment पढ़ा, Comment कर अपना Experience Share करने के लिए आप सभी का बहुत – बहुत धन्यवाद . Prasad ji आपने यह बहुत ही अच्छा Post लिखा है. कई Blogger पदेशन हैं Language को लेकर. Kabeer Saab (Heinlishpedia) आपने बिलकुल सही बताया है, नुकसान सिर्फ tech Bloggers को नहीं हुआ है. वैसे मैं भी हाल में ही Blogging का शुरुआत किया हूँ .अभी तक तो मैं Job कर रहा था . मेरा दो Blog है. एक Hindi में दूसरा English में. दोस्तों मैंने हिंदी Blog पर टेक टॉक #GT_Talk शुरू किया है. आप सभी Bloggers से मेरा अनुरोध है की इस Talk Show में हिस्सा ले.

  3. Hello Vishnu bhai, Maine abhi kuch hi mahine pahle blogging suru kiya hai jo ki Tech Blog hai or Hinglish me hai. Lekin aapka post padhne ke baad mai khud soch me pad gaya hu. Abhi mere blog par jyada traffic nahi aata hai, isliye mujhe suggest kariye ki mujhe kya karna chahiye?

    Kya mai usi blog par ab hindi me post likhna suru karu ya koi dusra blog bana kar us par post likhu?

    1. राहुल जी अगर आपके ब्लॉग पर ज्यादा ट्रैफिक नहीं है तो आप हिंदी में लिखना शुरू कर सकते है। हम भी सक्सेस वेद की कुछ पोस्ट जो hinglish में है उसे हिंदी में convert कर रहे है क्यू की गूगल अब हिंदी को बहुत ज्यादा सपोर्ट कर रहा है।

      और रही बात नया ब्लॉग बनाने की तो मुझे लगता है कि hinglish का अब कोई भविष्य नहीं है तो बेहतर होगा आप एक ही ब्लॉग पर हिंदी में लिखे। आखिर में फैसला आपको ही करना होगा की आपके लिए क्या सही है और क्या गलत 🙂

    2. Google ne jab se apane algorithms me change kiya hai, sabhi hinglish blogger ko traffic ka loss hua hai kyoki google hinglish blog se pahale हिंदी font me likhe blog ko prefer kar raha hai.

      Isake liye google bahut jyada advertising par bhi paise invest kar raha hai.
      Jisko dekhate huye yahi lag raha hai ki aane wale samay me pure hindi me likha gaya blog hee top par aane ke chances hai.

      Purane blog par hee hindi me likh sakte ho.Isase koi problem nahi hai.
      Par dhire dhire kar ke apane purane post ko bhi hinglish se hindi me kar loge to jyada achha hoga.

      Dusra blog banane ke liye mai nahi suggest karunga kyoki isase tumhe fir se zero se start karne jaisa hoga.
      Isliye better yahi hai ki ab jo bhi articles likho use hindi me likho.
      Aur apane purane post ko samay milane par hindi me convert kar updated post publish kar do.

      Hinglish se hindi me convert karane ke liye Google transaction ka istemal kar sakte ho.

      1. Vishnu bhai aur Prasad Surase bhai, aap dono ka bahut-bahut dhanyawaad. Maine Sabse pahle apne blog ke liye Domain purchase kiya or ab maine Hindi me likhna suru kar diya hai. dheere-dheere sare purane post ko bhi hindi me convert kar dunga. Aap logo se request hai ki mere blog par visit karein or koi template ya post se related koi jaruri sujhav ho to mujhe jarur batayein.. Dhanyawaad 🙂

        1. आपका ब्लॉग बहुत बढ़िया है। और theme भी काफी अच्छी है। बस जितना जल्दी हो सके सभी पोस्ट्स को हिंदी में convert कर दीजिए। बाक़ी सब सही है। 🙂

          1. फास्ट रिप्लाई के लिए धन्यवाद। मै पूरी कोशिश करूँगा कि इस महीने के लास्ट तक सारे पोस्ट हिन्दी मे कन्वर्ट हो जाएँ। एक बार फिर से बहुत-बहुते धन्यवाद 🙂

    1. Amul aapne bilkul sahi kaha hinglish koi official language nhi hai.shayad yahi karan hai jo google ab best result ke liye hindi me janane ka alag se option de raha hai.
      Thanks for Your Valuable comment.
      Keep visiting.

  4. इसी हिंगलिश की वजह से जहा मेरा ब्लॉग कभी हिट से सुपरहिट होता चला जा रहा था… लेकिन आज के समय में औंधे मूह आसमान से जमीन पर आ गिरा हैं… जुलाई 2016 में गूगल ने जब “बेहतर हिंदी परिणाम के लिए यहाँ क्लिक करे” लांच किया था तो वह इसका बीटा वर्जन था… उस समय जुलाई 2016 में मेरे हिंगलिश ब्लॉग का ट्रैफिक नीचे गिरने लगा.. .. लेकिन गूगल ने बेहतर हिंदी परिणाम वाला आप्शन अगस्त 2016 आते ही बंद कर दिया…

    एक बार फिर से मेरा ब्लॉग अपनी पुरानी खोयी हुयी रैंक प्राप्त करने लगा और ट्रैफिक पहले जैसे हो गया… लेकिन जब सितम्बर 2016 का पहला हफ्ता आया तो दुबारा से गूगल ने “बेहतर हिंदी परिणाम के लिए यहाँ क्लिक करे ” पूरी तरह से लागू कर दिया. ..

    उसके बाद से मत पूछिए , मेरे हिंगलिश ब्लॉग की क्या हालत होने लगी और यह तेज़ी के साथ सर्च इंजन से बाहर होने लगा… सितम्बर 2016 में मैंने एक गलती भी कर दी की अपने ब्लागस्पाट ब्लॉग पर कस्टम डोमेन सेट कर दिया…

    लेकिन उसी समय गूगल ने “हिंदी परिणाम” वाला बटन भी पूरी तरह से लांच कर दिया.. एक तो कस्टम डोमेन सेट होने के कारण मेरा ब्लॉग का ट्रैफिक वैसे ही कम हो गया, दूसरा गूगल के “हिंदी परिणाम” के कारण मेरी ब्लॉग्गिंग की कमर ही टूट गयी…

    मैंने सोचा हो सकता हैं की ब्लॉग का ट्रैफिक कस्टम डोमेन सेट करने के कारण कम हो गया हैं… 10-15 दिन में अपने आप ठीक हो जायेगा, तब तक एक महीने तक खूब ढेर सारा मेहनत करके ब्लॉग्गिंग जारी रखता हूँ… लेकिन वह पुराने दिन फिर से वापिस नहीं आये…

    मेरी 21 महीनो की मेहनत सब पानी में चली गयी… इसलिए मैं तो बस यही कहना चाहता हूँ दोस्तों हिंदी में ब्लॉग्गिंग करो… हिंगलिश में बस आपका भविष्य खराब होगा और आप कभी सफल नहीं हो पाएंगे…. वैसे तकनीकी ब्लॉग को आप हिंगलिश में लिख सकते हैं… तकनिकी हिंगलिश ब्लॉग को ट्रैफिक के मामले में कोई नुक्सान नहीं हुआ… लेकिन मेरे हेल्थ & GK के हिंगलिश ब्लॉग को गूगल ने नापसंद करने लगा…

    मेरी 21 महीनो की मेहनत सब पानी में चली गयी, इसलिए सभी लोग हिंदी में ब्लॉग्गिंग करे.. नहीं तो हिंगलिश में कंटेंट लिखने का आपको कोई फायदा नहीं होगा …. धन्यवाद..

    1. Kabir आपने बिकुल सही कहा जब से गूगल ने हिंदी में बेहतर परिणाम जानने वाला आप्शन लांच किया है,हिंगलिश ब्लॉगर को परेशानी होनी शुरू हो गयी है।ब्लॉगिंग में ही अपना जो future बनाना चाहता है उसे हिंदी भाषा का ही चुनाव करना होगा।क्या पता गूगल आने वाले कुछ दिनों में हिंगलिश से अपना support ख़त्म कर दे।इस लिए यह एक चिंता का विषय बन गया है हिंगलिश ब्लागरों के लिये।।
      कबीर आपके बहुमूल्य कमेंट के लिये शुक्रिया

      1. तकनिकी ब्लॉग वालो को कोई नुकसान नहीं हुआ हैं… बस अन्य विषयों पर लिखने वालो लोगो को बहुत ही क्षति पहुचाई हैं.. गूगल के “बेहतर हिंदी परिणाम ने”..

        हाँ एक बात हैं आने वाले समय में गूगल हिंगलिश को बंद नहीं करेगा… क्योंकि इसका कारण यह हैं की गूगल ने देवनागरी को आगे बढाया हैं.. यानि की देवनागरी में लिखी गये लेख गूगल ने सर्च इंजन में आगे कर दिए हैं…

        जैसे की पहले कोई यूजर गूगल सर्च में हिंगलिश में जैसे की टाइप करता था ” Aam khane ke fayde” तो गूगल Hinglish में टाइप करने की वजह से Hinglish के ब्लॉग के सर्च रिजल्ट सबसे पहले शो करता था..

        लेकिन जबसे “हिंदी बेहतर परिणाम वाला” टूल गूगल ने लांच किया हैं वह हिंगलिश में सर्च होने वाले कीवर्ड ” Aam khane ke fayde” को automatically देवनागरी में “आम खाने के फायदे” में बदल देता हैं… जिससे हिंदी के ब्लॉग सर्च इंजन में ऊपर आ जाते हैं… हालाँकि गूगल ने हिंगलिश के ब्लॉग के रिजल्ट को 4 या 5 नंबर पेज पर पीछे धकेल दिया हैं…

        यानि की हम यह भी कह सकते हैं की हिंगलिश को गूगल बैन नहीं करेगा.. .लेकिन सर्च इंजन में यह हिंगलिश को लाभ ही नहीं लेने देगा…

        उदाहरण के तौर पर “Aam khane ke Fayde” सर्च करने पर मेरे Hinglish ब्लॉग का रिजल्ट सबसे पहले आता था.. लेकिन जबसे गूगल ने “बेहतर हिंदी परिणाम” लांच किया तो “Aam khane ke fayde” सर्च करने पर मेरे ब्लॉग का रिजल्ट पांचवे या छठे पेज पर आता हैं… यानि की टॉप 10 रिजल्ट में मेरा ब्लॉग नहीं आता हैं…

        यानी की बहुत कम ही यूजर ऐसे होंगे जो पांचवे या छठे पेज पर जायेंगे… तो इससे हिंगलिश ब्लॉग के पाठक अपने आप कम हो जायेंगे और एक समय ऐसा आएगा की हिंगलिश ब्लॉग को कोई पाठक ही न मिले… धन्यवाद..

        1. जी आपने बिल्कुल सही कहा है। इसकी बहुत ही कम संभावना है कि google hinglish language को support करना बंद कर दे। और ये भी सही है कि अब hinglish blogs को search engine से traffic मिलना बहुत ही मुश्किल हो गया है।

          इसलिए अगर नया ब्लॉग बना रहे है जिसपर अभी कम traffic है तो हमें hindi language ही इस्तमाल करनी चाहिए। और अगर अभी hinglish blog चला रहे है जिसपर बहुत ज्यादा traffic है तो hindi language में लिखना सही नहीं है। क्यू की अचानक ब्लॉग की language बदलना daily visitors (जिन्हें हिंदी भाषा नहीं आती) उनपर बहुत बुरा प्रभाव डाल सकती है। और हो सकता है कि वो भी हमारे ब्लॉग पर विजिट करना छोड़ दे।

          एक बार फिर आपके महत्वपूर्ण comment के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद kabir..

          Please visit again on successveda 🙂

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