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Karoly Takacs – Give Your Best Shot Real Life Story In Hindi

नमस्कार मित्रो, आज हम दुनिया के जाने माने हस्तियों में से एक ऐसे महान हस्ति के बारे में बात करने वाले है जो अपने कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के लिए पूरे दुनियाभर में मशहूर है और उस व्यक्ति का नाम है karoly takacs अगर आपको नहीं पता की केरोली कोन था तो अपने दिल पर हाथ रखकर ये कहानी पढ़िए क्यू की ये कहानी ही कुछ ऐसी है जो आपका दिल दहला देगी। तो चलिये बढते है हमारे असली विषय karoly takacs story in hindi की तरफ…

karoly takacs story in hindi

Karoly takacs

Karoly Takacs Story In Hindi – Give Your Best Shot

ये कहानी है 1938 की… जब Hungarian Army में karoly takacs नाम का एक सैनिक हुआ करता था वो लगभग दुनिया का सबसे बेस्ट pistol shooter था। वो हर रोज प्रक्टिस करता अपने आप को और भी बेहतर बनाने के लिए और उसका बस 1 ही लक्ष था की बस 1940 में जो ओलंपिक्स होने वाली थी उसे जितना है। और सब लोगों को लग भी रहा था कि केरोली ही जीतेगा क्यू की केरोली का निशाना कितना अचूक है ये सब जानते थे और karoly takacs उस देश के लगभग सारी नॅशनल प्रतियोगिताओ को जीत चूका था।

Karoly takacs दिन ब दिन और माहिर होता जा रहा था। अभी उसकी उम्र थी 28 साल और वो दो साल बाद होने वाले ओलंपिक्स को जितने के लिए अपनी जी जान लगा रहा था। उसे किसी भी हालात में 1940 में होने वाले ओलंपिक्स में सुवर्णपदक (gold medal) जितना था और उसके लिए वो अपना दिन रात एक करके मेहनत कर रहा था।

उसी दोहरान उसका हंगेरियन आर्मी में एक ट्रेनिंग सेक्शन था। और उस ट्रेनिंग सेक्शन में उसे हथगोला इस्तेमाल करना सिखाया जा रहा था। ट्रेनिंग करते करते उसके दायने हाथ में जिससे वो रोज शूटिंग का सराव किया करता था उसमें एक हथगोले (hand grenade) का विस्फोफोट हो गया.. 🙁

जिस ओलंपिक्स को जितने के लिए karoly takacs ने सालो मेहनत की थी उसका वो सपना 2 मिनट में मिट्टी में मिल गया था। उसका वो हाथ जिसके बल वो ओलंपिक्स जितने वाला था वो बुरी तरह से जल चूका था। अब उसके पास वो बेस्ट हाथ ही नहीं था जिसे वो दुनिया का best shooting hand बनाना चाहता था।

अब karoly takacs के पास सिर्फ दो ही रास्ते बचे थे, एक तो वो अपना सब कुछ भूल जाये.. वो सपना, वो मेहनत, वो जूनून जो उसने इतने सालों से इक्कट्ठा किया था वो सब भूल कर जिंदगी भर अपने साथ हुए हादसे पर अफसोस करता रहे। या फिरसे उठकर खड़ा हो और फिरसे कोशिश करे।

अगर हम उसकी जगह होते तो कहते छोड़ो.. अब मेरा हाथ ही नहीं है जिससे में शूटिंग कर सकू तो क्या करूँगा फिरसे मेहनत और अब तो बस 2 ही साल बचे है ओलंपिक्स में.. इन दो सालों में क्या हो सकता है। और कैसे मुझे सफलता मिलेगी। पर वो karoly takacs था… उसने उसपर ध्यान नहीं दिया जो उसके पास नहीं था, उसने उसपर फोकस किया जो उसके पास था मतलब की उसका बाया हाथ… वो हाथ जिससे वो लिख तक नही सकता था उस हाथ को अब उसने दुनिया का सबसे अच्छा शूटिंग हाथ बनाने की ठान ली। और इसका मतलब स्पष्ट था कि वो जिंदगी के 3 रास्तो में से सफलता का रास्ता अपना चूका था।

एक महीने तक हॉस्पिटल में उसका इलाज चला और जैसे ही एक महीना पूरा हुआ, karoly takacs लौट आया अपने लेफ्ट हैंड को दुनिया का बेस्ट शूटिंग हैंड बनाने के लिए और रोज कड़ी मेहनत करने लगा.. उसके आंखो में बस एक ही छवि थी की मुझे मेरे इस ओन्ली हैंड को दुनिया का बेस्ट हैंड बनकर रहना है।

(आप पढ़ रहे है – karoly takacs story in hindi)

उसने 1 साल तक जमकर प्रक्टिस की, अपने बाये हाथ को इतना ट्रैन किया कि कोई उसका मुकाबला ना कर सके। वो 1 साल तक अपने बाये हाथ से शूटिंग की प्रक्टिस कर रहा है ये कोई जानता तक नहीं था और फिर 1 साल बाद जब हंगेरियन में एक और नॅशनल प्रतियोगीता का आयोजन किया हुआ था तो karoly takacs भी वहां गया। वहां दुनिया भर के पिस्तौल शूटर्स आये हुए थे जो अपने बेस्ट हाथ से शूटिंग कर रहे थे। उन्होंने केरोली को वहां देखा तो सब उसके पास आये उसे धन्यवाद दिया और बोले की ये होता है असली स्पोर्टमन.. तुम्हारा हाथ नहीं रहा फिर भी तुम यहाँ हमें प्रोत्साहित करने आये हो!

उसपर karoly takacs ने कहा कि में यहाँ तुम्हारा हौसला बढ़ाने नहीं आया हु, में यहाँ तुम सब से लड़ने आया हूं, तुम सब को हराने आया हूं और उसने उस प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर अपने बाये हाथ से शूटिंग की। और वो ये प्रतियोगिता जीत गया। पर वो इतने से रुकने वालो में से नहीं था। उसका लक्ष्य साफ़ था – 1940 में होने वाली ओलंपिक्स को जीतना..

अब ओलंपिक्स को बस 1 ही साल बचा था। केरोली ने ओलंपिक्स की पूरी तैयारी कर ली थी और वो बिल्कुल तैयार था सुवर्ण पदक जीतने के लिए, पर उस साल वर्ल्ड वॉर की वजह से ओलंपिक्स रद्द हो गयी। 🙁

फिर भी karoly takacs ने हार नहीं मानी और उसने अपना सारा focus, अपना सारा लक्ष 1944 के ओलंपिक्स में केंद्रित कर लिया और फिरसे ट्रेनिंग करने लगा। अब तो उसने अपना हाथ इतना मजबूत और पक्के निशाने वाला बना दिया था कि उसकी बंदूक से निकली गोली ताश के पत्तो को तक चिर जाती। पर फिरसे वर्ल्ड वॉर की वजह से 1944 में होने वाली ओलंपिक्स भी रद्द हो गईं :-/

अब karoly takacs ने फिरसे अपनी सारी मेहनत, अपना सारा जूनून, लगन, अभ्यास को उठाकर 1948 में होने वाले ओलंपिक्स को जीतने में लगा दिया। और फिरसे अभ्यास करने लगा। और आख़िरकार वो पल आ ही गया जिसका उसे बेसबरी से इंतज़ार था – 1448 की ओलंपिक्स।

जब केरोली ओलंपिक्स को जीतना चाहता था तब उसकी उम्र थी 28 साल पर अब 1948 में उसकी उम्र हो चुकी थी 38 साल। जैसे जैसे उम्र बढती गयी वैसे वैसे उसके लिए ओलंपिक्स जितना मुश्किल होता गया क्यू की उसके प्रतिस्पर्धी के रूप में दुनिया भर से एकदम प्रोफेशनल और वेल trained शूटर्स आये हुए थे उस ओलंपिक्स में भाग लेने के लिए जो अपने बेस्ट हाथ से शूट करने वाले थे और ये अपने only hand से शूट करने वाला था। फिर भी केरोली ने पार्टिसिपेट किया और अपने बाये हाथ से शूट किया और 1948 की ओलंपिक्स में सुवर्णपदक (gold medal) प्राप्त कर लिया 🙂

अब भी उसमे कुछ करने की चाह थी तो उसने 1952 में होने वाले ओलंपिक्स में भी सहभाग लिया और वहां जवान शूटर्स को हराकर फिर एक बार सुवर्णपदक (gold medal) हासिल कर लिया। और पूरा इतिहास ही बदल डाला क्यू की वो लगातार दो ओलंपिक्स में सुवर्ण पदक जीतने वाला पहला शक्स था। 🙂

Karoly Takacs Story In Hindi Moral

तो दोस्तों जैसा की हमने ऊपर karoly takacs story in hindi में जाना की अगर हम कोई काम दिल से करना चाहते है तो हमारे लिए कुछ भी करना नामुमकिन नहीं है। उसने अपनी समस्याओं को संधी बनाना सीखा और इसीलिए वो ओलंपिक्स का इतिहास बदल गया।

जब कभी भी हम जीवन में कुछ करने की ठान लेते है तो ज्यादा से ज्यादा उस काम पर हम दो या तीन दिनों तक अमल करते है पर क्या आपने कभी ये सोचा की केरोली को क्या लगा होगा जब उसका सपना उसकी सालो की मेहनत बस एक पल में चकना चूर हो गयी। पर हम ये सब नहीं सोचते, हम तो बस वजह ढूंढते रहते है हमारे लक्ष को हम क्यू नहीं साध्य कर पाए इसकी और छोटी छोटी बातों से निराश होकर अपना लक्ष्य वही अधूरा छोड़ देते है। ये बहुत बुरी आदतें है जो हमें छोडनी चाहिए

तो दोस्तों अब आपने karoly takacs story in hindi ये लेख तो पढ़ लिया है अब बारी है खुद केरोली बनने की। हम सब में जो केरोली छुपा है उसे बाहर निकालने की। William ShakespeareThomas Edison जैसा महान बनने की। और ये काम सिर्फ आप खुद ही कर सकते हो और कोई नहीं। इसीलिए अपने आलसपन को दूर करे और अपने जिंदगी के महत्वपूर्ण निर्णय आज ही ले और उसपर तब तक अमल करे जब तक की आप उस काम में सफलता हासिल नहीं कर लेते। और आपको ये बात समझाना ही था karoly takacs story in hindi लेख लिखने लिखने की वजह।

मान लिया की आपके जीवन में हजार वजह है जिसके कारण आप अपना काम मन लगाकर और नियमित रूप से नहीं कर पा रहे हो पर ऐसी एक वजह तो होगी ही ना जिसके कारण आप वो काम कर सकते हो या आपको करना चाहिए। तो छोड़िए उन हजार वजह को जिनके लिए आप वो काम नहीं कर सकते और अपनी उस 1 वजह पर focus कीजिये जिसके लिए आप वो काम करना चाहते हो।

तो दोस्तों अगर आपको karoly takacs story in hindi पसंद आयी हो तो प्लीज इसे अपने मित्रो के साथ शेयर जरूर करे। और उन्हें भी मोटीवेट करें जिससे की वो भी सफलता के मार्ग पर चल पड़े और उन्हें भी पता चले की करोली जैसा भी कोई शख्स इस दुनिया में हो सकता है और अपने फ्रेंड्स को भी अपने साथ सक्सेस की तरफ लेकर चले क्यू की सबकी मदद करना ही है असली ख़ुशी का राज। में तो आपके साथ ये लेख शेयर करके बहूत खुश हूं और आप? 😉

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