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On-Page SEO – पोस्ट का सही On Page Optimization कैसे करें

इस पोस्ट में हम On Page SEO से ब्लॉग कंटेंट को optimize कैसे करे इसके बारे में बात करेंगे। और अगर आप यह on page optimization tips अच्छे से फॉलो करते है तो आप आसानी से अपनी ब्लॉग पोस्ट्स को सर्च इंजन में high rank दिला सकते हो।

on-page seo

हम सब जानते है की search engine optimization [SEO] को on page seo और off page seo ऐसे दो महत्वपूर्ण हिस्सों में विभाजित किया जाता है। और हमे on-page seo पोस्ट लिखते वक्त करना होता है जब की off-page seo optimization हम पोस्ट पब्लिश करने के बाद करते है।

On-page seo में हम पोस्ट title, permalink, keywords, heading and subshading, image optimization, meta tags, search description, anchor text, loading speed जैसे कई सारे seo factors पर ध्यान देते है।

और off-page seo में हम पोस्ट पब्लिश करने के बाद के फैक्टर्स जैसे directory submissions, forums posting, social media sharing, promotion पर ध्यान देते है।

किसी भी ब्लॉग को सर्च इंजन में अच्छी रैंक (SERP) और high traffic प्राप्त करने के लिए on-page seo और off-page seo दोनो का सही तरीके से optimization करना जरूरी है।

फिलहाल हम on-page optimization तकनीक के बारे में जानेंगे। तो चलिए हम हमारा आज का on page optimization mega seo guide शुरू करते है और जानते है उन सभी search engine optimization techniques के बारे में जिससे आप अपनी ब्लॉग पोस्ट को गूगल में टॉप पर ला सकते हो।

On Page SEO – Blog Content Ko Optimize Kaise Kare Full Guide

अगर आपको अपनी पोस्ट search results में पहले पन्ने पर शो करनी है तो आपको on page content optimization stretergy अपनानी ही पड़ेगी। तो चलिए स्टेप बाय स्टेप जानते है।

1. Post Title Length –

जब विजिटर हमारे साइट पर आता है या गूगल में कुछ सर्च करता है तो सबसे पहले उसकी नजर में हमारे ब्लॉग पोस्ट का टाइटल आता है। इसलिए हमें अपना टाइटल एकदम आकर्षक रखना चाहिए।

हमारे post title में कम से कम 35 और ज्यादा से ज्यादा 70 character का इस्तेमाल किया जाना जरूरी है। अगर हम 35 से कम लंबाई का title रखते है तो यह सर्च इंजन से अच्छा ट्रैफिक नही दिला सकता।

और अगर हम 70 character से ज्यादा लंबाई का title रखते है तो यह सर्च इंजन में पूरी तरह से दिखाई नही देता।

इसलिए हमेशा अपनी पोस्ट के title की लंबाई 35 से 70 characters के बीच मे ही रखे जिससे हमे सर्च इंजन से अच्छा ट्रैफिक मिले।

2. Use of keywords –

on page factors में keywords का बहूत ही बड़ा महत्व है। हैम चाहे अपने पोस्ट को कितने भी अच्छे से क्यों ना लिखे उसका कोई मतलब नही जब तक हम keywords का सही से इस्तेमाल ना करे।

और पोस्ट में keywords इस्तेमाल करना seo का ही एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जिसके बिना हमारी पोस्ट पूरी तरह seo friendly नही बन सकती।

इसलिए अपने पोस्ट में keywords का इस्तेमाल करना बहुत ही जरूरी है। पोस्ट में keywords कैसे और कहाँ इस्तेमाल करे इसके बारे में में पहले ही पोस्ट लिख चुका हूँ आप चाहें तो पढ़ सकते हो।

3. Focus keyword in title –

हमारे पोस्ट का जो focus keyword होता है जिसे हम main keyword भी कहते है उसे अपने पोस्ट के title में इस्तेमाल करना बहुत ही बढ़िया माना जाता है।

इसलिए जब भी आप कोई पोस्ट का title लिख रहे हो तो उसमें अपने target keyword का इस्तेमाल जरूर करे। इससे हमारे पोस्ट का विषय भी clear हो जाता है और सर्च में पेज की रैंकिंग भी अच्छी बनती है।

और जितना हो सके अपने keyword को title के शुरू में रखने की कोशिश करे। आप जितना शुरू में कीवर्ड इस्तेमाल करेंगे आपको उतना ही ज्यादा फायदा मिलेगा।

title me keyword use kare

अगर किसी कारन से title के शुरुवात में keyword मैच नही होता है तो आप बीच मे भी इस्तेमाल कर सकते है। पर हमेशा शुरू में रखने की कोशिश करे।

4. Don’t repeat a keyword –

Title में keyword का इस्तेमाल करना SEO के लिए अच्छा होता है पर ध्यान रहे की आपको बस 1 ही बार title में keyword इस्तेमाल करना है। मतलब एक ही कीवर्ड को बार बार दोहराना नही है।

For example –

On page seo kya hai? Aur on page seo kaise kare?

यह title बिल्कुल गलत है क्योंकि इसमें on page seo को 1 से ज्यादा बार इस्तेमाल किया गया है जो की negative seo है। इसलिए हमेशा title में कीवर्ड का इस्तेमाल सिर्फ एक ही बार करे।.

For example –

On page seo kya hai? Aur content ko optimize kaise kare?

ऊपर दिए उदाहरण में आप देख सकते हैं की टाइटल में एक ही बार कीवर्ड इस्तेमाल किया गया है जो SEO के हिसाब से बिल्कुल सही है।

5. Keywords in first and last paragraph –

अपने पोस्ट के target keyword और long tail keyword को पोस्ट के पहले पैराग्राफ मतलब पहले 100 शब्दो के अंदर और आखिरी पैराग्राफ मतलब आखिर के 100 शब्दों के बीच मे जरूर इस्तेमाल करे।

क्योंकि गूगल सर्च बोट्स जब हमारा content crawl करने आते है तो वो title और permalink के बाद सबसे पहले हमारे पोस्ट के पहले और आखिरी 100 शब्दो को ही ज्यादा prefer करता है। और उसी के हिसाब से सर्च इंजन में हमारे पोस्ट की ranking सेट की जाती है।

paragraphs me keywords use kare

First aur last paragraph me keyword use kare

इसलिए हमेशा पोस्ट के शुरवात और अंत मे कीवर्ड का इस्तेमाल करे।

6. Keyword density –

जब हम on-page seo की बात करते है तो सबसे पहले हमारे दिमाग मे keywords का खयाल आता है और ये कीवर्ड्स महत्वपूर्ण भी है।

पर कीवर्ड इस्तेमाल करने का मतलब keyword density का एक फॉर्मूला होता है जिसको फॉलो करके हम अपनी पोस्ट में सही से keyword density maintain कर सकते है।

हम जितनी बड़ी पोस्ट लिखेंगे उसके टोटल शब्दों के minimum 0.5% और maximum 2.5% के मात्रा में हमे कीवर्ड use करने है। मतलब अगर मेरी पोस्ट 100 शब्दों की है तो मैं ज्यादा से ज्यादा 2 या 3 बार कीवर्ड का इस्तेमाल करूँगा।

7. Avoid keyword stuffing –

कीवर्ड का इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है यह बात बिल्कुल सच है और यह भी सच है की बिना कीवर्ड्स का इस्तेमाल किए सर्च इंजन में अच्छी रैंक पाना बहुत मुश्किल है।

पर यह बात भी उतनी ही सच है की कोई भी चीज limit में करे तो ही वह अच्छी होती है। कहने का मतलब की कीवर्ड इस्तेमाल करने का मतलब ये नही की आप पूरी पोस्ट ही कीवर्ड से भर दे।

इसलिए keyword density सिर्फ 0.5% to 2.5% ही रखे। वरना आप जाने अंजाने में keyword stuffing कर बैठेंगे जिससे आपको सर्च इंजन से panelty भी मिल सकती है।

8. Use Numerics in title –

शायद आपको यह बात सच ना लगे की title में अंक इस्तेमाल करने से हमारे पोस्ट को अच्छा response मिलता है लेकीन यह बात बिल्कुल सच है।

हमे अपने पोस्ट के title में अंक (numberic) का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे हमारी पोस्ट का टाइटल किसी के नजर में आते ही तुरंत वो उसपर क्लिक कर देता है और हमारे ब्लॉग की वह पोस्ट पढता है।

अगर मैं ऐसा शीर्षक रखता हूँ जिसमे अंको का प्रयोग} ना किया गया हो तो वो पोस्ट पाठको द्वारा पढ़े जाने के चांसेस बहुत ही कम होंगे।

For Example –

january 2017 ke top popular apps

 

वही दूसरी तरफ अगर मैं टाइटल में अंको का प्रयोग करता हूँ तो इसे लोग ज्यादा पसंद करेंगे।

For Example –

January 2017 ke top 10 popular apps

ऊपर दोनो शीर्षकों मे से कौनसा ज्यादा आकर्षक लगता है यह आप खुद देख सकते है।

9. attractive words (modifiers) in title –

जैसे की हमने ऊपर उदाहरण की मदद से जाना की शीर्षक में अंको का इस्तेमाल करने से हमारा शीर्षक आकर्षक बनता है। ठीक उसी तरह से on-page seo के लिए टाइटल में modifiers का इस्तेमाल करने से भी हमारा title और ज्यादा आकर्षक और eye catchy हो जाता है।

जिससे अगर कोई हमारे टाइटल को देखता है तो उसे पोस्ट पढ़ने का मन होता है और वह हमारे पोस्ट के लिंक पर क्लिक कर देता है।

Modifiers वो शब्द होते है जो हमारे पोस्ट के क्वालिटी को दर्शाते हैं। और लोगो को अपनी तरफ आकर्षित करते है। जैसे,

Top, Useful, Guide, Full Guide, Detailed Information, Best, Untold आदि

इसका इस्तेमाल करके हम अपने टाइटल को बहुत अच्छा लूक दे सकते है।

10. Permalink Structure –

टाइटल को पूरी तरह से seo optimize करने के बाद बारी आती है permalink optimization की.. क्योंकि seo friendly title होना जितना जरूरी है उतना ही जरूरी होता है हमारे पोस्ट के पर्मालिंक का seo friendly होना।

हम हमारे पोस्ट लिंक को ही permalink कहते है। और हमे यह permalink structure अपने हिसाब से कस्टमाइज करना पड़ता है ताकि हमारी पोस्ट सर्च इंजन बॉट्स को आसानी से समझ आ जाए और सर्च इंजन में हमारी पोस्ट टॉप पर दिखे।

ब्लॉगर में हम पोस्ट एडिटर के साईडबार में custom permalink ऑप्शन चुनकर अपनी पर्मालिंक सुनिश्चित कर सकते है।

वर्डप्रेस में हमे बहुत प्रकार की permalink structures के विकल्प मिलते है जिसमे से हम जो चाहें वो लिंक स्ट्रक्चर चुन सकते है।

जैसे,

1. successveda.com/2017/01/on-page-seo/

2. successveda.com/on-page-seo/

3.successveda.com/2017/01/7262

इस प्रकार के बहुत सारे permalink structures हमारे वर्डप्रेस ब्लॉग के लिए उपलब्ध होते है। इसमें से हम आपको दूसरा स्ट्रक्चर रखने की सलाह देंगे। क्योंकि हम इसमे बड़ी आसानी से कीवर्ड्स इस्तेमाल कर सकते है और यह शॉर्ट भी है। 

आप वर्डप्रेस ब्लॉगर है तो dashboard>>setting>>permalink में जाकर अपना डिफ़ॉल्ट पर्मालिंक स्ट्रक्चर बदल सकते है।

और जब आप कोई नई पोस्ट लिखे तब मैन्युअली पर्मालिंक एडिट करके उसमें अपना कीवर्ड जरूर डालें।

11. Remove stop words from permalink –

सर्च इंजन stop words को इंडेक्स नही करता है इसलिए जब हम पर्मालिंक सेट करते है तब याद से उसमे से स्टॉप वर्ड्स को हटा देना चाहिए।

Stop words उन शब्दों को कहा जाता है जो सभी लोग commonly बोलते वक़्त इस्तेमाल करते है। इन्हें कॉमन वर्ड्स (आम शब्द) भी कहा जाता है। और ऐसे आम शब्द सर्च इंजन द्वारा avoid किए जाते है। इसलिए इन्हें पर्मालिंक से निकाल देना ही बेहतर होता है।

कॉमन वर्ड्स कुछ नीचे की तरह होते है।

A, an, and, or, the, has, is, was, where, there etc.

इन शब्दों को निकाल देने से हमारे पोस्ट की पर्मालिंक छोटी और seo friendly बनती है।

For example –

successveda.com/benefits-of-the-seo/

ऊपर दिए उदाहरण में कॉमन शब्दो का इस्तेमाल किया गया है जो अच्छा नही है।

successveda.com/seo-benefits/

और अब जो ऊपर दी लिंक है उसमें कॉमन शब्दों का प्रयोग} नही किया है इसलिए वह संक्षिप्त होने के साथ साथ seo optimized भी है।

12. Remove extra words from permalink –

जैसे हमने ऊपर stop words को निकालने के बारे में जाना बिल्कुल उसी तरह से हमे लिंक में जो एक्स्ट्रा शब्द होते है उसको भी हटा देना चाहिए।

use short permalink

Short permalink rakhe

इससे भी हमारी लिंक छोटी और आकर्षक लगती है जिसे अगर हम सोशल मीडिया पर शेयर करते है तो उस लिंक को देखते ही लोग उस पोस्ट के टॉपिक के बारे में समझ जाते है और हमे कोई एक्स्ट्रा डिस्क्रिप्शन देने की जरूरत नही पड़ती की पोस्ट में क्या है।

13. Keyword research –

अपनी पोस्ट के लिए सबसे पहले एक high cpc और अच्छे search volume का keyword खोजे और उसे अपनी पोस्ट में इस्तेमाल करे।

आप चाहों तो keyword research के लिए Google keyword planner टूल का प्रयोग कर सकते हो। यह आपको अच्छे से अच्छे keywords, search volume, CPC bids की जानकारी देता है।

14. Enable search/Meta description –

सर्च डिस्क्रिप्शन हमारे पोस्ट को सर्च इंजन में टॉप रैंक दिलाने में बहुत बड़ा रोल अदा करता है। यह हमारे पोस्ट का एक संक्षिप्त description होता है जिसमे हम 150 characters तक अपनी पोस्ट में क्या है उसकी जानकारी देते है।

Meta description add kare

Search description likhe

अगर आप ब्लॉगर पर है तो आप ब्लॉगर ब्लॉग की हर पोस्ट में search description enable कर सकते हो। और अगर आप वर्डप्रेस ब्लॉगर है तो yoast seo plugin का इस्तेमाल करके meta description सेट कर सकते है।

15. Use Headings and subshadings –

हमे अपने पोस्ट स्ट्रक्चर पर भी ध्यान देना चाहिए। और हमारे पोस्ट स्ट्रक्चर को user friendly और search engine friendly बनाने का सबसे आसान और महत्वपूर्ण तरीका है heading और subshading का इस्तेमाल करना।

हम अपनी पोस्ट में H1 से H6 तक headings का इस्तेमाल कर सकते है। और हमारे पोस्ट का टाइटल ही h1 heading होता है इसलिए हमें खुद से h1 heading इस्तेमाल करने की कोई जरूरत नही।

मतलब हम पोस्ट में हैडिंग्स का प्रयोग} नीचे दिए गए प्रमाण के अनुसार कर सकते है।

  1. H1 heading को 1 बार
  2. H2 heading को 2 बार
  3. H3 heading को 3 बार
  4. H4 heading को 4 बार
  5. H5 heading को 5 बार
  6. H6 heading को 6 बार

इस मात्रा में हम हैडिंग का इस्तेमाल कर सकते है पर हैडिंग का प्रयोग करने का मतलब यह भी नही की आप जितनी चाहों उतनी हैडिंग का इस्तेमाल करे। अगर आप ऐसा करते है तो सर्च इंजन आपके कंटेंट को स्पैम समझ सकता है और आपके ब्लॉग को सर्च से penalty मिल सकती है।

16. Use multimedia –

आप कंटेंट कितना भी बढ़िया क्यों ना लिख ले पर अगर हमारी पोस्ट में इमेज या वीडियो का इस्तेमाल नही किया गया हो तो वो बोरींग बन जाता है।

एक रिसर्च से यह पता चला है की मानवी दिमाग अक्षरों में नही बल्कि पिक्चर्स में सोचता है। और इसलिए हमें पढ़ने से ज्यादा देखने मे दिलचस्पी होती है और पढ़े हुए अक्षरों से ज्यादा देखा हुआ लंबे समय तक याद रहता है। और ज्यादा अच्छे से समझ आता है फिर वो आकृति हो या कोई वीडियो।

इसलिए अपनी पोस्ट में हमे कम से कम 1 छायाचित्र जरूर इस्तेमाल करना चाहिए। और हो सके तो पोस्ट से संबंधित वीडियो बनाकर उसे पोस्ट में डालना जिससे विजिटर को अच्छे से समझ आता है।

17. Alt tag in images –

पोस्ट में मल्टीमीडिया का यूज़ करना है यहाँ तक तो ठीक है लेकिन हमें पोस्ट की तरह फ़ोटो को भी seo फ्रेंडली बनाना पड़ता है।

सर्च इंजन अक्षर तो search query से मैच करके रिजल्ट दिखाता है पर इमेज या फ़ोटो कैसे मैच करेगा। अगर सीधे शब्दों में कहूँ तो सर्च इंजन को पोस्ट का टेक्स्ट समझ आता है लेकिन वह इमेज को नही समझ सकता।

इसलिए हमें images में alt tag add करना चाहिए ताकि सर्च इंजन उसे समझ सके और इमेज रिजल्ट में दिखा सके।

Alt tag वो टेक्स्ट होता है जो अगर इमेज धीमे इंटरनेट कनेक्शन या किसी और कारन से लोड नही होती तो उसकी जगह पर दिखाई देता है।

Alt tag in blogger

Alt tag in blogger

ब्लॉगर प्लेटफॉर्म पर हम पोस्ट एडिटर में इमेज पर क्लिक करके properties में जाकर alt tag add कर सकते है।

blogspot post me alt tag lagaye

Blogger me alt tag lagaye

Alt tag में टार्गेट कीवर्ड जरूर इस्तेमाल करे।

वर्डप्रेस में भी लगभग ऐसी ही प्रक्रिया है।

alt tag in wordpress

wordpress post me alt tag lagaye

पोस्ट एडिटर में इमेज पर क्लिक करके edit>>alt tag. इस सीक्वेंस को फॉलो करके आप इमेज में alt tag लगा सकते है।

18. Image compression –

इमेज कंप्रेशन image optimization का एक बड़ा हिस्सा है और इमेज ऑप्टिमाइजेशन on page seo का ही एक पार्ट है। अगर हम इमेज को कंप्रेस नही करते तो हम उसे optimized image नही बोल सकते।

यह बात सही है की इमेजेस पोस्ट में होने से विजिटर की टॉपिक से संबंधित understanding बढ़ती है पर यह बात तभी लागू होती है जब हम इमेज को अच्छी तरह ऑप्टिमाइज़ कर ले। और इमेज ऑप्टिमाइजेशन का सबसे पहला स्टेप कंप्रेशन है।

क्योंकि अगर हमारी इमेज की साइज ज्यादा हुई तो वो लोडिंग स्पीड पर नकारात्मक प्रभाव डालेगी। जिससे हमारे ब्लॉग का bounce rate बढ़ेगा जो ना हमे पसंद है ना गूगल को।

मैंने पहले ही online image compression tool की जानकारी दी है जिससे आप बिना इमेज क्वालिटी कम किए अपने ब्लॉग की इमेज को कंप्रेस कर सकते हो। infact, हम भी यही टूल इस्तेमाल करते है।

19. Rename images –

फोटोज कंप्रेस करने के बाद उसे हमारे पोस्ट के कीवर्ड से rename करना भी जरूरी होता है। क्योंकि गूगल उस इमेज में क्या है यह जानने के लिए उसके टाइटल को भी fetch करता है। और उसी हिसाब से हमारे इमेज की सर्च में जगह निश्चित होती है।

इसलिए इमेज अपलोड करने से पहले याद से उसे अपने कीवर्ड से रीनेम जरूर करे।

For Example –

जब हम कोई इमेज बनाते है या ऑनलाइन कंप्रेस करते है तो उसे पहले से एक यूनिक नाम मिल जाता है। जैसे,

Gj73t100076u67bk.jpg

पर यह फॉर्मेट सर्च इंजन को समझ नही आता। इसलिए हमें अपनी इमेजेस अपने टार्गेट कीवर्ड से रीनेम करनी चाहिए। और याद से हर शब्द के बीच मे डैश (-) का separator के रूप उपयोग जरूर करे।

For Example –
इस पोस्ट का टार्गेटेड कीवर्ड on-page seo है तो मैं इमेज को कुछ नीचे की तरह रीनेम करूँगा।

On-page-seo.jpg

20. Use text styles (Bold, Italic, Underline) –

हमे अपने पोस्ट में keywords और कुछ महत्वपूर्ण} शब्दो को bold, italic and underline styles देनी चाहिए।

आप इस पोस्ट में देख सकते है की मैंने कुछ जगह पर on-page seo keyword को बोल्ड किया हुआ है और कुछ महत्वपूर्ण शब्दों इटैलिक और अंडरलाइन भी किया हुआ है। 

use bold italic and underline

Bold, Italic aur underline ka use kare

ये स्टाइल्स हमारे विजिटर की नजरों को आसानी से अपनी तरफ आकर्षित कर लेती है। इसलिए हमेशा महत्वपूर्ण शब्दों के लिए बोल्ड, इटैलिक या अंडरलाइन का इस्तेमाल करना चाहिए।

पर याद रहे की इसका ज्यादा इस्तेमाल नही करना है। अगर आप ऐसा करते है तो ये readability को खराब करता है। इसलिए इसका लिमिटेड} इस्तेमाल करे।

21. Anchor text –

एंकर टेक्स्ट हमारे पोस्ट में दूसरे पोस्ट के कीवर्ड को दी गयी इंटरनल या एक्सटर्नल लिंक होती है। anchor टेस्ट seo के लिए बहुत ही जरूरी होता है और ये on-page seo का महत्वपूर्ण घटक है।

anchor text

Good anchor text

Good anchor text का यूज़ करके हम कंटेंट की रैंकिंग को बेहतर बना सकते है। और साथ मे अच्छी इंटरनल पोस्ट लिंकिंग भी कर सकते है।

एक पोस्ट में दूसरे पोस्ट की लिंक डालने के लिए कुछ ब्लॉगर्स यहाँ क्लिक करे, click here जैसे शब्दों का प्रयोग करते है जो की बिल्कुल गलत है और इस तरह के लिंक को bad anchor text कहा जाता है।

For example –

डुप्लीकेट कंटेंट से बचने के लिए ब्लॉग में canonical link tag का इस्तेमाल करना चाहिए उसके लिए यहाँ क्लिक करे

इस तरह के लिंक को bad anchor text कहा जाता है जो की on-page seo guidelines के खिलाफ है।

जब की On-page seo के नियमों को याद रखते हुए हमें अपनी पोस्ट में लिंक डालने के लिए good anchor text का यूज़ करना चाहिए।

For Example –

डुप्लीकेट कंटेंट से बचने के लिए ब्लॉग में canonical link tag add करना चाहिए।.

इस उदाहरण में “canonical link tag” good anchor text है।

22. Loading Speed –

शायद आपको यह बात सुनकर हैरानी हो लेकिन गूगल हमारे साइट का लोडिंग स्पीड देखकर हमारे साइट की सर्च रैंकिंग्स तय करता है। इसलिए अपने ब्लॉग को जितना हो सके फ़ास्ट लोडिंग बनाने की कोशिश करे।

Amazon ने भी यह बताया है की वो हर दिन अपने हजारो ग्राहक खो देते है क्योंकि उनकी साइट का लोडिंग स्पीड बाकी शॉपिंग साइट्स के मुकाबले सिर्फ 1 या 2 सेकंड ज्यादा है। इससे आप खुद लोडिंग स्पीड के महत्व का अंदाजा लगा सकते हो।

आप अपनी साइट का लोडिंग स्पीड gtmetrix पर देख सकते है और उसे अच्छा बनाने की कोशिश कर सकते है।

अगर आपके साइट का स्पीड 4 सेकंड से कम है तब सब ठीक है लेकिन अगर आपके साइट को पूरी तरह लोड होने में 4 सेकंड से ज्यादा समय लग रहा है तो आपको loading speed पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

पहले सक्सेस वेद का लोडिंग स्पीड 8.3 सेकंड से भी ज्यादा था और इसके कारन हमारे साइट का bounce rate आसमान छू रहा था। पर अब हम लोडिंग स्पीड पर खास ध्यान देते है तभी हमारे साइट का लोडिंग स्पीड अब 3 सेकंड है जो की पहले से काफी बढ़िया है।

आप नीचे सक्सेस वेद की gtmatrix रिपोर्ट देख सकते है।

gtmetrix site speed test

successveda gtmetrix speed test

अगर आप एक वर्डप्रेस ब्लॉगर है तो आप wordpress post revisions off करके लोडिंग स्पीड अच्छा बना सकते है और W3 super chacher plugin का भी इस्तेमाल कर सकते है।

23. Add internal and external links –

हम पोस्ट में जो लिंक डालते है वो मूलतः 2 प्रकार की होती है।

  • Internal links – यह लिंक हमारे खुद के ही ब्लॉग के किसी पोस्ट या पेज की होती है जो हम हमारे दूसरे संबंधित लेखों में ऐड करते है।

इस प्रकार के लिंक ऐड करके हम bounce rate कम कर सकते है और साथ ही page views और daily time on site में भी अच्छा सुधार कर सकते है। इसलिए अपनी पोस्ट में internal links जरूर add करे।

  • External links – यह वो लिंक होती है जो हम हमारे पोस्ट में ऐड करते है लेकिन यह हमारे ब्लॉग के किसी दूसरे पोस्ट या पेज की नही होती। यह लिंक किसी दूसरे ब्लॉग या साइट की होती है फिर वो गूगल, वीकीपीडीया या कोई भी वेबसाइट हो सकती है।

External लिंक को outbound links भी कहा जाता है और यह हमारे ब्लॉग की रैंक को अच्छा बनाने में काफी मददगार साबित होती है।

24. Post length –

मेरे खयाल से अगर हमें सर्च इंजन से ट्रैफिक चाहिए या गूगल में अच्छी रैंक हासिल करनी है तो हमारी पोस्ट कम से कम 1000 – 1200 शब्दों की होनी ही चाहिए। तभी वह टॉप पर आ सकती है।

इसलिए जब भी कोई पोस्ट लिखे तो उससे संबंधित ज्यादा से ज्यादा जानकारी शेयर करने की कोशिश करे। पर इसका मतलब ये नही है की आप कुछ भी लिख दे।

आपके कंटेंट में भी दम होना चाहिए और अगर आपके पोस्ट की लंबाई ज्यादा है तो आपको सर्च इंजन में रैंक पाने में और आसानी होती है। इसलिए मैं आपको जितना ज्यादा हो सके उतना बड़ा पोस्ट लिखने की सलाह दूँगा पर सिर्फ विषय के अनुसार।

25. Short paragraph –

अगर आप पोस्ट में बहुत बड़े बड़े पैराग्राफ यूज़ कर रहे है तो आप गलत दिशा में मेहनत कर रहे है। कोई भी पाठक ज्यादा समय तक लंबे पैराग्राफ को पढ़ना पसंद नही करता है।

हमे अपनी पोस्ट में short paragraphs रखने चाहिए इससे  readability अच्छी होती है और पाठकों को हमारी पोस्ट बोरींग नही लगती।

साथ ही हमारे पोस्ट का structure भी आकर्षक लगाने लगता है। यू कहे तो हमारा कंटेंट seo friendly के साथ साथ user friendly भी बन जाता है।

इसलिए हमेशा अपने पोस्ट में 3 से 4 senteses का एक पैराग्राफ बनाए मतलब शॉर्ट पैराग्राफ रखे। इससे time on site per visitor में भी काफी अच्छा बदलाव आता है जो की alexa के महत्वपूर्ण घटकों में से एक है।

26. Sharing Options –

अपने पाठकों को आपका कंटेंट शेयर करने का मौका दे। इससे आपके ब्लॉग का प्रोमोशन भी हो जाएगा और दूसरों की मदद भी हो जाएगी। अपने पाठकों को शेयरिंग ऑप्शन्स देने का फायदा यह होता है की आपके साइट को नए पाठक प्राप्त होते है और पाठक भी आपके हिस्से का थोड़ा काम कर देते है।

इसके लिए आप सोशल शेयरिंग बटन का इस्तेमाल कर सकते हो। इससे पाठको को आपका कंटेंट पसंद आने पर वो उसे अपने दोस्तो के साथ शेयर कर सके।

अगर आपका ब्लॉग वर्डप्रेस पर है तो आप अपनी पोस्ट को jetpack publicize के जरिए सोशल मीडिया पर auto share भी कर सकते हो।

27. Bullets and numberings –

On-page seo में अपने पोस्ट की readability अच्छी बनाने के लिए bullets और numberings का इस्तेमाल करना एक असरदार तरीका होता है।

जब हम बुलेट या नंबर्स का यूज़ करते है तो हमारे विजिटर को पढ़ने में आसानी होती है। हम बुलेट या नंबर्स से बड़ी आसानी से अपनी बात कह सकते है। मतलब अगर कोई टॉपिक जिसके कुछ sub पॉइंट्स है तो हम उस टॉपिक की हैडिंग देकर उसके नीचे नंबरिंग या बुलेट का उपयोग कर सकते है।

जिससे पाठकों को यह आसानी से पता चल सके की यह ऊपर के हैडिंग के ही sub पॉइंट्स है। हम पोस्ट की summary बताने के लिए भी बुलेट का इस्तेमाल कर सकते है।

उदाहरण के लिए मैं आपको नीचे numbering का उपयोग करके दिखा रहा हूँ।

On Page SEO Kaise Kare Full Guide In Hindi

  1. post ka title short rakhe
  2. post me keywords target kare
  3. title me keyword use kare
  4. title me ek hi keyword ko repeat na kare
  5. first aur last paragraph me keyword ka istemal kare
  6. keyword density maintain rakhe
  7. keyword stuffing avoid kare
  8. title me Numerics ka use kare
  9. title me modifiers ka istemal kare
  10. permalink me stop words use karane se avoid kare
  11. permalink structure par dhyan de
  12. permalink se extra words remove kare
  13. keyword research ke liye samay nikale
  14. meta description enable kare
  15. H1-H6 heading and subshading ka use kare
  16. post me attractive multimedia add kare
  17. image me alt tag lagaye
  18. post me image use karane se pahale compress kare
  19. image upload karane se pahale rename kar le
  20. important words ke liye bold, italic aur underline styles use kare.
  21. good anchor text ka use kare
  22. loading speed improve kare
  23. internal aur external links add kare
  24. minimum 1000 words ki post likhane ki koshish kare
  25. paragraphs ko short rakhe
  26. blog me social sharing buttons add kare
  27. bullets aur numbering ka use kare

तो मित्रो, अंत मे इतना ही कहूँगा की अगर आप ऊपर दिए गए सभी on page optimization तकनीकों को अच्छे से अपनाते है तो आप सर्च में बहुत अच्छी रैंक प्राप्त कर सकते है। और अगर आपको यह on page seo guide पसंद आया हो तो एक बार इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कर देना यार। धन्यवाद। ☺

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Comments

  1. By Kamlesh

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    • By Vishnu Kant Maurya

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