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Success Way – जिंदगी के 3 रास्तों मे से एक ही सफलता का रास्ता है!

नमस्कार दोस्तों, सबसे पहले तो सक्सेस वेद पर आपका स्वागत है। और आज हम इस पोस्ट के जरिये आपको बताने जा रहे है कि success पाने का सही रास्ता कोनसा है। दूसरे शब्दों में बताना हो तो हम way to success के बारे में चर्चा करने वाले है और जानने वाले है ऐसे 3 रास्तो के बारे में जिसमेसे सिर्फ एक ही रास्ता सफलता का रास्ता है। शुरू करने से पहले में आपको बता दू की ये लेख थोड़ा लंबा है इसीलिए आप इसे बुकमार्क करके भी रख सकते है। तो चलिए शुरू करते है।

आज कल हर कोई success होना चाहता है और मुझे यकीन है कि आप भी सफल बनना चाहते हो क्यू की अगर ऐसा नहीं होता तो आप ये पोस्ट कभी नहीं पढ़ते। तो दोस्तो इससे एक बात तो साबित हो गयी की आपमें भी success बनने की इच्छा है और यही सबसे जरूरी है। क्यू की बगैर इच्छा के हम कुछ भी नही कर सकते फिर इच्छा के बिना सक्सेस तो बहूत दूर की बात है।

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सफलता का रास्ता

तो चलिए जानते है हमारे उन 3 रास्तो के बारे में.. पर उससे पहले success क्या है ये तो जान ले। क्यू की अगर हमें पता ही नहीं की success किसे कहते है तो हम उसे achieve कर ही नही सकते। किसी भी चीज को हासिल करने के लिए पहले उसके बारे में जान लेना बहूत जरुरी होता है अगर हम ऐसा नहीं करते तो समझ लीजिए हम जाने या अंजाने में failure के रास्ते पर चल रहे है और आज नही तो कल हम फेल होकर ही रहेंगे। क्यू की किसी भी चीज को समझे बगैर किया गया काम बेवकूफी से अलग कुछ नही है।

दोस्तों सबसे पहले तो अगर आपको success होना है तो एक बात अपने मन में ठान लीजिये और हमेशा फेल होने पर अपने आप को याद दिलाइये की जो हुआ अच्छा हुआ और जो होता है अच्छे के लिए होता है। और अपने असफलता से निराश या हताश होकर बैठने की जगह अपने failure से सीखिए और ये obeserve कीजिये की आखिर ऐसी कोनसी कमी रह गयी जिसकी वजह से में सफल नहीं हो पाया। और जिस दिन आप अपनी कमी ढूंढना सिख जायेंगे उस दिन आप असली मायने में success हो जाओगे ये तो हुआ अपने गलतियों से सीखना और हार ना मानना.. अब असली सफलता क्या है ये जानते है।

Success क्या है?

बहूत से लोग कहते है कि सक्सेस होना है तो ये करो.. सफल बनना है तो वो करो… अगर सफलता पानी है तो तुम्हे ये करना ही होगा और हम भी कहते है कि हाँ, अगर मुझे success बनना है तो ये करना जरूरी है। पर कभी खुद के दिल से पूछा है कि successful बनना है मतलब क्या करना है? ये सवाल आया कभी अंदर से… या आपने कभी पूछा अपने दिल से? नहीं ना! यही हम अटक जाते है।

कुछ लोग तो ऐसे होते है जो समजते है कि बहूत पैसा कमाना, बड़ा घर, जायदाद, गाड़िया होना.. इज्जत होना मतलब success होना है। ये सब कर लिया तो लो बन गए successful.. पा ली सफ़लता.. पर ऐसा नहीं है।

में ये नहीं कहता की पैसा कमाना success नहीं है… है, पैसा कमाना भी बहूत बड़ी सफलता है पर तब जब वो अपने intrest को value देकर कमाया गया हो, अपने पसंदीदा काम से कमाया गया हो। अगर सिर्फ पैसा कमाना ही सफल इंसान बनना होता तो आज दुनिया के सभी अमिर लोग जिनके पास करोडो रूपए की ब्लैक मनी है वो सब भी सफल व्यक्ति कहलाते पर ऐसा नहीं है। कोई भी सिर्फ आमिर व्यक्तियों को सफल नहीं कहता। तो अब आपके मन में एक सवाल पैदा हुआ होगा की फिर सफल व्यक्ति कोन है और success कैसे बने।

दोस्तों मेरी नजर में तो हर वो व्यक्ति सफल है जो खुद जो भी करता है उसका राज दूसरे जरूरत मंदो के साथ शेयर करता है। मतलब वो सफल कैसे बना? Success बनने के लिए उसने क्या क्या प्रयास किये, उसको क्या रुकावटे आयी इन सब के साथ जो अपने सब सेक्रेट तरीके शेयर करता है जिससे उसे सफल बनने में मदद मिली.. वो असली सफल आदमी है। जो पैसो से ज्यादा अपने काम को अहमियत देता है वो सफल है और दोस्तों मेरा तो ये व्यक्तिगत मानना है कि किसी भी चीज को पहले सीखो और कमाओ

जो अपने काम में पूरे दिल से समां जाता है और उस काम को बोझ की जगह आनंद समझकर उसे पूरा करता है और अपने काम में इतनी गति और महानता प्राप्त कर लेता है कि दूसरा कोई जो करने की सोच भी नही सकता वो काम वो फट से कर सकता है। इतना जो अपने काम में तेज और पारंगत हो जाये और उस काम को अंजाम देकर अपने जीवन में खुश रहता है उसे सफल इंसान कह सकते है।

जो व्यक्ति किसी और को पीछे छोड़ने के लिए नहीं बल्कि खुद आगे बढ़ने के लिए कदम उठाता है वो व्यक्ति success है। मेरा तो आप सब से ये कहना है की अगर आपको तेज दौड़ना है तो अकेले दौड़ो, पर अगर आपको लंबे समय तक और सबसे अंत तक दौड़ना है और जितना है तो सबको लेकर दौड़ो। तभी आप जित पाओगे और तभी जितने का मजा आएगा।

वरना अगर आप अकेले जिंदगी की रेस में success बनने के लिए दौड़ते रहे बिना किसी को साथ लिए तो आप कभी सक्सेसफुल नहीं बन पाओगे और अगर सक्सेस बन भी गए तो भी कभी उसका मजा नहीं उठा पाओगे क्यू की कोई भी आपके साथ नही होगा जिसके साथ आप अपनी मेहनत या success शेयर कर सके। इसीलिए सबको साथ लेकर चलिये क्यू की सबको साथ लेकर चलना यही खुश रहने का राज़ है।

तो चलिए अब जानते है की जिंदगी के 3 रास्तो में से कोनसा रास्ता सफलता का रास्ता है।

Way To Success – सफलता का रास्ता

दोस्तों अगर आपने इस लेख में सबसे ऊपर दी गयी तस्वीर देखी होगी तो आपको जिंदगी के वो तीन रास्ते दिखे होंगे जिसके बारे में हम अब आगे बात करने वाले है।

जैसे की हमने ऊपर देखा, जिंदगी में हमारे पास तीन रास्ते होते है और इन 3 रास्तो मेसे 1 ही रास्ता है जो सफलता का रास्ता है जिसे हम way to success भी बोल सकते है। और जैसे की हम इमेज में देख सकते है वो तीन तरह के रास्ते है –

1. लेफ्ट साइड में जो रास्ता है वो है – बस विचार करते रहना और विचार को कृति में न बदलना (thinking without action)

2. राईट साइड का जो रास्ता दिख रहा है फोटो में वो है – बिना सोचे समझे या विचार किये कृति करना (action without thinking)

3. और इन दोनों के बीच से जो रास्ता जा रहा है वो है सफलता का रास्ता.. the real way to success जिसपर चलकर हम अपना मुकाम पा सकते है मतलब सफल हो सकते है। ये रास्ता है पूरी तरह से उस काम को समझना और समझने के बाद धीरे धीरे उसे कृति में तब्दील करना। आइये हम एक उदहारण की मदद से समझते है!

एक बार बहूत बड़े नदी के पास 3 आदमी बैठे थे और वो बाकी जो लोग नदी में तैर रहे थे उन्हें देख रहे थे और मन ही मन स्विमिंग करने की सोच रहे थे पर उन्हें तैरना नहीं आता था। पर उन तीनों के मन में तीव्र इच्छा थी तैरने की…

पहले जो आदमी लेफ्ट साइड में बैठा था उसने सोचा की यार ये में भी कर सकता हूं। अगर ये लोग कर रहे है इसका मतलब में भी थोड़ी बहूत प्रक्टिस करके सिख सकता हूं और इनकी तरह स्विमिंग कर सकता हूं। पर उसे मन ही मन दर था कि अगर में डूब गया तो.. अगर में इस नदी में बह गया तो… पिछली बार जब में स्विमिंग पूल में तैरने की कोशिश कर रहा था तो डूब रहा था वो तो अच्छा हुआ मेरे दोस्त ने निकाल लिया वरना में डूब ही जाता और अगर में यहाँ पर छलांग लागाऊ और डूब जाऊंगा तो..

उसके मन में यही डर था की कही वो डूब तो नहीं जायेगा और इस डर की वजह से उसने पानी में कभी छलांग ही नहीं लगाई। और वो आदमी इस डर से कभी स्विमिंग नहीं सिख पाया मतलब की वो अपने जीवन में success के रास्ते पर चलने में फेल हो गया। क्यू की उसने विचार तो बहूत किया पर उसपर अमल नही किया मतलब सोचा पर कृति नहीं की। इस विचार करके काम ना करने के आलसपन को छोड़ना बहूत जरूरी है।

थोड़ी देर बाद हुआ यू की जो आदमी राईट साइड में बैठा था वो सोचने लगा की यार ये सब स्विमिंग कर रहे है, बस अपने हाथ पांव हिलाकर पानी के ऊपर आसानी से तैर रहे है। तो में ऐसा क्यू नहीं कर सकता? में भी उनके जैसा इंसान हूं मेरे भी दो हाथ है दो आँखे है दो पैर है उनकी तरह तो अगर वो कर सकते है तो में क्यू नहीं। और ऐसा सोचते सोचते वो अपनी जगह से उठा और सीधा उस सखोल नदी की तरफ दौड़ लगाने लगा।और भागते भागते उसने नदी में छलांग लगा दी और अपने हाथ पांव हिलाने लगा। फिर होना क्या था, बिचारे को तैरना तो आता नही था, वो हाथ पांव तो बड़ी जोर जोर से हिला रहा था पर उसे स्विमिंग तो आती नहीं थी इसीलिए वो डूबने लग गया। वो तो अच्छा हुआ की बाकी लोगों ने जिन्हें तैरना आता था उन्होंने उसे पानी से बाहर निकाल लिया। मतलब ये आदमी भी अपने जीवन में success के रास्ते पर चलने में नाकाम रहा। क्यू की उसने बिना सोचे समझे कृति की, उसने ये सोचा ही नहीं की पहले इन सब में प्रक्टिस की है और उसके बाद इस बड़ी नदी में स्विमिंग कर रहे है।

दोस्तों हम सब भी जाने या अनजाने में इन्ही दो रास्तो पर चल रहे है। मतलब या तो हम किसी चीज को करने की ठान लेते है उसपर बहूत सोच विचार करते है पर उस काम को कभी practically करते ही नहीं। और इसके बहूत से अलग अलग कारण हो सकते है जैसे लोग क्या कहेंगे, अगर में इस काम में फ़ैल हो गया तो घरवाले क्या बोलेंगे, में सबको क्या मुह दिखाऊंगा या दिखाउंगी, में जो कर रहा हु क्या वो मेरे फॅमिली को पसंद है या नहीं। अगर नही है तो में उनका मन कैसे तोड़ू..

पर दोस्तों जिंदगी आपकी है न की आपके फॅमिली या मोहल्लेवालों की तो फिर क्यू आप पर्वा करते हो की वो क्या सोचेंगे.. अरे उन्हें जो सोचना है सोचने दो पर आप अपने दिल की सुनो और अपने जिंदगी के महत्वपूर्ण निर्णय खुद ही लेना सीखो। क्यू की लोगो की पसंद तो पलभर में बदल जाती है।

मान लीजिए की अगर आप घरवालो के या महोल्लो वालो के कहने से इंजीनिअर बनते हो जिसमें आपका कोई इंट्रेस्ट नहीं है तो जब तक आप इंजीनिअर नहीं बन जाते ये आपकी तारीफ ही करेंगे की हमारी advice सुनकर आज वो इतना बड़ा इंजीनिअर बनने जा रहा है और फिर कुछ सालों बाद अगर आपको कही जॉब नहीं लगती या कम पेमेंट वाली जॉब मिलती है तो यकीन मानिए, जो लोग आपकी तारीफ कर रहे थे वो ही आपको कोसेंगे और वही लोग आपकी बुराई करेंगे। इसीलिए आज जो निर्णय लेना है खुद से लीजिये।

अगर आप भी ऊपर बताये गए category में आते हो जो की बस मन ही मन सोचते रहना पर किसी वजह से अपने विचारों को कृति में ना बदलना तो आप भी failure के रास्ते पर जा रहे हो जो है thinking without action.

दूसरा फेलियर का रास्ता है action without thinking और इसपर भी बहूत से लोग चल रहे है। मतलब की जो लोग सोचते है की ये काम आसान है और में इसे कर जाऊंगा और सीधा बहूत बड़ा action ले लेते है और उस काम में अपने आप को पूरी तरह से involve कर लेते है जब की वो ये सोचते ही नहीं की यार मेरे प्रतिस्पर्धी मेरी तुलना में बहूत बड़े है तो मुझे पहले ये बात सीखनी चाहिए की इस काम को करते कैसे है और फिर इसको पूरी तरह से समझकर फिर इसे करना चाहिए। पर हम है कि सीधा छलांग लगा देते है और फिर डूब जाते है मतलब फ़ैल हो जाते है जिंदगी की रेस में। इसीलिए हमे power of thinking को समझना चाहिए और सही से सोच विचार करके कृति करनी चाहिए। और हा, हमें हमारे अंदर की जो कुछ करने की ठान लेकर भी काम ना करने की बुरी आदतों को निकालना चाहिए। क्यू की यही बुरी आदतें हमें success नहीं होने देती।

तो हमने ऊपर देखा की कैसे हम सब जाने – अनजाने में फेलियर के रास्तो पर चल रहे थे। अब हम ये जानते है कि success के रास्ते पर कैसे चलना है ये समझने के लिए हम फिर अपने उदहारण पर वापस आते है।

हमने ये देखा की लेफ्ट साइड का आदमी बस विचार कर रहा था और उसने कोई कृति नहीं की, वही दूसरी ओर मतलब राईट साइड में बैठे आदमी ने बिना विचार के सीधा जाकर छलांग लगा दी। जो की दोनों फेलियर के रास्तो पर चल रहे है। अब इन दोनों के बीच में जो आदमी बैठा था उसे भी तैरना बहूत पसंद था और तीव्र इच्छा थी तैरने की.. पर उसने सीधा जाकर नदी में छलांग नहीं लगायी बल्कि उसने सोचा की ये कर सकते है तो में भी कर सकता हु ये बात तो सही है पर इन लोगो जो कुछ सीखा है वो मेने नहीं सीखा और वो मुझे सीखना होगा तभी में इनकी तरह स्विमिंग कर सकूँगा।

और वो वहा से उठाकर उन लोगो के पास चला जाता है जो वहा नदी में तैर रहे थे और उनसे पूछता है कि आपने ये कैसे सीखा, शुरुआत कहा से की, आपको ये सिखने में कितनी मेहनत करनी पड़ी ये सब पूछा। तो उसपर उन्होंने बताया कि हमने उस छोटेसे झील से शुरुआत की थी और फिर धीरे धीरे जब हम सिख गए तो हम यहाँ नदी के किनारे तैरने लगे और फिर जब हम माहिर होने लगे तो फिर थोड़े गहरे पानी में आये और अब यहाँ तैर रहे है।

उस आदमी ने इनकी सारी बातों पर ध्यान दिया और अच्छे से समझा और चला गया झील के शांत पानी में तैरने.. पहले उसने झील के गहराई का अंदाजा लिया और उसके किनारे पर तैरने लगा, कुछ दिन बाद टायर की ट्यूब में हवा भरके उसे अपने पेट पर लपेटा और थोड़े गहरे पानी में तैरने लगा फिर जब उसे थोड़ी थोड़ी स्विमिंग आने लगी तो वो बिना ट्यूब का सहारा लिए तैरने लगा.. कुछ दिन और बीते और अब वो नदी के किनारे आ चुका था। ऐसे करते करते अंत में वो उन लोगो के साथ नदी के गहरे पानी में तैरने लगा जिनसे उसने पूछा था कि आप ये कहा से सीखे। अब वो बिना डर के किसी भी झील में, नदी में यहाँ तक की समंदर में भी तैर सकता है। उसे डूबने का कोई डर नहीं क्यू की वो सब सिख चूका है।

और दोस्तों यही है असली सफलता का रास्ता.. this is the real way to success ☺ हमें भी अपने जीवन के निर्णय लेते वक़्त ऐसे ही करना चाहिए.. सबसे पहले उस काम के बारे में पूरी बारीकी से जान लो, फिर ये सोचो की आप उसे क्र सकते हो या नहीं या आप उसको करने में intrested हो या नहीं और अगर सब सवालो के जवाब possitive आते है तो अपनी सेल्फ ट्रेनिंग शुरू कर दीजिए पर सबसे बेसिक लेवल से। अगर आप ऐसा करते है तो आपको success मिलना ही मिलना है।

में आपको एक बात और बताना चाहूंगा कि कभी अपनी समस्याओं से न घबराये क्यू की समस्या ही संधि होती है। और हा, मेरी मानो तो आप आज से डायरी लिखना भी शुरू कर दो क्यू की डायरी लिखने के फायदे बहूत है जिसके बारे में हम बता चुके है।

तो दोस्तों अगर आपको ये सफलता का सही रास्ता (way to success) सही लगा हो तो प्लीज इस लेख को अपने दोस्तों के साथ शेयर करे क्यू की सबको साथ लेकर जो चलता है वही आखिर तक जाता है। इसिलए अपने दोस्तों को भी इस लेख के बारे में सूचित करके आज ही से अपने जीवन के सफलता के रास्ते पर एक नए सफर के लिए निकल पड़िये। ☺?

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