परीक्षा में अच्छे अंक नहीं आयें! अब क्या करूँ.

रिजल्ट आने के एक-दो दिन पहले से ही दिल की धड़कन बढ़ने लगती है.आप यह सोच-सोच कर परेशान होने लगते हैं कि पता नहीं कैसा परिणाम आयेगा.कितना प्रतिशत अंक पाऊंगा? और मन में तरह-तरह के विचार आने लगते हैं.कुछ रोमांचित कर देने वाले तो कुछ रूह को कपां देने वाले.

ऐसा लगता है जैसे समय रुक सा गया हो.आपके लाख चाहने के बावजूद भी समय अपने ही रंग में रंगा हुआ धीरे धीरे चल रहा है… और ऐसे ही चलते-चलते आज परिणाम की घड़ी भी आ चुकी है.अब आप पहले से बहुत ज्यादा उत्साहित हैं अपने रिजल्ट को लेकर.आखिर हों भी क्यों नहीं यह आपके साल भर के मेहनत का फल जो है.

अब आप अपना परीक्षाफल देखते हैं,परिणाम देखने के साथ-साथ आपके चहरे का रंग फीका पड़ता जा रहा है.आपने जितने नंबर पाने का अनुमान लगाया था यह तो उससे बहुत कम आया है.अब आप थोड़ा दुखी हो जाते हैं.

तभी आपके किसी दोस्त का फ़ोन आता है और वह पूछता है- भाई बता तेरा कितना आया मेरा तो इतना आया है.अब आप और दुखी हो गये क्योंकि उसका नंबर तो आपसे ज्यादा आया है.अब अपना नंबर कैसे बताऊ यह सोच कर आप बहाना बनाते है और कहते हैं कि मैंने अभी देखा नहीं है देख कर बताता हूँ.वह बोलता ही रह जाता है कि रोल नंबर दे दे मैं देख कर बता देता हूँ और आप फ़ोन रख देते हैं.

फिर घर वाले पूछते हैं बेटा आज तेरा रिजल्ट आने वाला था न क्या हुआ…?अब आप थोड़ी देर शांत रहते हो.अंदर से डर भी लगता है की नंबर तो कम आयें हैं डाट तो पक्का पड़ने वाली है.फिर भी आप हिम्मत कर के नंबर बता देते हो और जैसा की पहले से पता था बातों की गोली आपके ऊपर दागी जाने लगती है.
थोड़ी देर आप उनकी बातों को तवज्जो देते हैं और फिर अपने ही उधेड़ बुन में कहीं खो जाते हैं……

लोगों की बातों से परेशान आपको कुछ समझ नहीं आ रहा है क्या करूं,सब बातें सोच-सोच कर आपका सर फटा जा रहा है….

तो चलिए मैं आपकी थोड़ी मदद कर देता हूँ.अब आप खुश हो जाईये कि आपकी भावनावों को समझाने वाला कोई तो है, और सारे टेंशन को थोड़ी देर के लिए भूल जाईये.अब मैं आपको कुछ नायब बातें बताने जा रहा हूँ जरा ध्यान से पढ़ना और समझने की कोशिश करना.

exam tips

यह जिंदगी की आखिरी परीक्षा नहीं थी.

जिंदगी बहुत बड़ी है, और ऐसे बहुत से EXAMS होते रहेंगे.अच्छे नंबर का आना-जाना लगा रहता है.और एक बात जान लो कि एक समय के बाद इन नंबर्स का कोई मतलब भी नहीं रह जाता.यह किसी अलमारी के कोने में एक कागज का टुकड़ा सा पड़ा रहेगा.
  आपको मन लगा कर अपना कर्म करते जाना है.बस ध्यान रहे की जो भी काम करो उसमें अपना शत प्रतिशत दो,फिर अंजाम कुछ भी हो इसकी चिंता छोड़ दो.

सही कारण का पता लगायें.

 उस कारण पर विचार करें जिससे आपके नंबर कम आये हैं,हो सकता है आप जिस प्रश्न का उत्तर सही समझ कर जोड़े थे वह गलत हो.
या फिर हो सकता है आपने थोड़ा कम मेहनत किया हो जिससे आपके नंबर कम आये हों.या हो सकता है कॉपी चेक करने में चूक हुयी हो.
या ऐसे ही जितने भी संभावित कारण हों उनके बारे में सोचें,और उसमें किस प्रकार से सुधार किया जा सकता है इस पर विचार करें.

किसी के भी बात को दिल पर ना लें

कम नंबर आने पर अक्सर घर वाले गुस्सा हो जाते हैं या दोस्त मजाक उड़ाते हैं लेकिन आपको उनकी बातों को दिल से नहीं लगाना है.सबके सोचने की क्षमता अलग होती है.सबके देखने का दृष्टिकोण अलग होता है.तभी तो सब एक दूसरे से अलग हैं.
आपको किसी के भी बात का बुरा नहीं मानना,बस अपने दिमाग को शांत रखना और धैर्य से काम लेना.देखेंगे की कुछ ही दिनों में सब कुछ नार्मल हो जायेगा.

डरें नहीं, अपनी बात को सामने रखें.

 परीक्षा में नंबर का कम-ज्यादा आना तो स्वाभाविक है.लेकिन अगर कोई विशेष कारण हो जिसके कारण आपका नंबर कम आया हो तो बिना डरे अपने माता-पिता को इसके बारे में बताये.
जैसे हो सकता है कि आप जो विषय पढ़ रहें हो उसमें आपकी रूचि ही ना हो,बस पढ़े जा रहे हो…
या आपने साल भर किसी कारणवश पढ़ाई नहीं कर पाए हो,बीमार रहें हो, जो भी कारण हो घर वालो से खुल कर बताएं.
बात को छिपाने से उसका हल नहीं निकलेगा.निडर होकर अपनी बात को रखें.
आशा करता हूँ इस आर्टिकल को पढ़ कर अब आप पहले से अच्छा महसूस कर रहे होंगे.अगर आप अपनी बातें हम से साझा करना चाहते हैं तो नीचे  कमेंट कर सकते हैं.
या फिर contactsuccessveda@gmail.com पर मेल भी कर सकते हैं.
 

Subscribe to our mailing list

* indicates required

2 comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *